Form-6 में बदलाव पर बड़ा अपडेट, जानिए अब क्या बदला

नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क

नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 को लेकर सितंबर में सामने आए बदलाव पर अब चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। 30 सितंबर 2026 से उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन Form-6 के साथ जोड़ा गया अतिरिक्त SIR घोषणा-पत्र हटा दिया गया है, जहां Special Intensive Revision (SIR) पूरा हो चुका है।

Form-6 में क्या जोड़ा गया था

जुलाई 2026 में ECINET के ऑनलाइन Form-6 आवेदन में एक अतिरिक्त घोषणा शामिल की गई थी। इसमें आवेदक को बताना होता था कि उसका नाम या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम पिछली Special Intensive Revision की मतदाता सूची में था या नहीं।

यदि नाम होने की जानकारी दी जाती थी तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र और मतदाता सूची में क्रमांक जैसी जानकारी भी मांगी जाती थी।

यह अतिरिक्त जानकारी मूल Form-6 के सामान्य आवेदन में पहले नहीं मांगी जाती थी। चुनाव आयोग ने इसे SIR से संबंधित अतिरिक्त घोषणा बताया, जबकि Form-6 में वैधानिक संशोधन किए जाने से आयोग ने इनकार किया।

अब क्या बदलाव हुआ

चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की बैठक के बाद स्पष्ट किया था कि SIR के दौरान अतिरिक्त घोषणा का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि गैर-SIR अवधि में Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित Form-6 का इस्तेमाल होगा। इसके बाद 30 सितंबर को SIR पूरा कर चुके राज्यों में ECINET से अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई।

इसका मतलब है कि ऐसे राज्यों में नया मतदाता बनने के लिए आवेदन करने वालों को अब सामान्य वैधानिक Form-6 भरना होगा। जहां SIR अभी चल रहा है, वहां अतिरिक्त SIR घोषणा की व्यवस्था बनी हुई है।

चुनाव आयोग ने Form-6 को लेकर क्या कहा

चुनाव आयोग का कहना है कि Form-6 में मूल रूप से संशोधन नहीं किया गया था, बल्कि SIR के दौरान उसके साथ अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी। आयोग के अनुसार यह घोषणा केवल SIR प्रक्रिया से जुड़ी थी और SIR समाप्त होने वाले राज्यों में अब इसे नहीं मांगा जाएगा।

ECI के मतदाता सेवा पोर्टल पर भी Form-6 के साथ अलग Declaration Form उपलब्ध है। पोर्टल नए मतदाताओं को 18 वर्ष की उम्र पूरी होने या कुछ महीनों में 18 वर्ष के होने पर Form-6 भरने की सुविधा देता है।

बदलाव पर चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति

Form-6 से जुड़ा विवाद तब सामने आया जब चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ऑनलाइन Form-6 में अतिरिक्त घोषणा जोड़े जाने पर आपत्ति जताई। रिपोर्टों के अनुसार उनका तर्क था कि Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित वैधानिक फॉर्म में बदलाव के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया जरूरी है।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष यह रहा कि Form-6 में संशोधन नहीं किया गया, बल्कि SIR के लिए अतिरिक्त घोषणा का प्रावधान किया गया था। इसलिए दोनों पक्षों की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।

अभी Form-6 को लेकर स्थिति क्या है

1 अक्टूबर 2026 की स्थिति में:

  • SIR पूरा हो चुके क्षेत्रों में अतिरिक्त SIR घोषणा हटा दी गई है।
  • वहां नया मतदाता सामान्य वैधानिक Form-6 के जरिए आवेदन करेगा।
  • जिन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में SIR जारी है, वहां अतिरिक्त घोषणा अभी लागू है।
  • Form-6 नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए इस्तेमाल होता है।
  • चुनाव आयोग का कहना है कि मूल Form-6 में कोई कानूनी संशोधन नहीं किया गया था।

Form-6 में सामान्य तौर पर क्या जानकारी होती है

ECI के Form-6 में आवेदक का नाम, रिश्तेदार का नाम, जन्मतिथि/आयु, पता और अन्य आवश्यक विवरण लिए जाते हैं। SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा अलग प्रावधान के रूप में इस्तेमाल की गई थी। ECI के दस्तावेजों में Form-6 के साथ Declaration Form का प्रावधान भी दिया गया है।

इसलिए मौजूदा स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Form-6 का SIR वाला अतिरिक्त घोषणा-पत्र अब हर जगह अनिवार्य नहीं है। यह आवश्यकता उस क्षेत्र में SIR की स्थिति पर निर्भर करती है।

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