चक्रवात अर्नब का असर: 102 ट्रेनें रद्द, 15 के समय में बदलाव

सतना। डिजिटल डेस्क

चक्रवात अर्नब के चलते भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है। उपलब्ध रेलवे अपडेट के अनुसार, 102 ट्रेन सेवाएं रद्द की गई हैं, जबकि 15 ट्रेनों को पुनर्निर्धारित किया गया है। इसके अलावा तीन ट्रेनों को बीच रास्ते में समाप्त करने और एक ट्रेन को निर्धारित गंतव्य से पहले शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

ये बदलाव 27, 28 और 29 अक्टूबर 2026 के दौरान अलग-अलग ट्रेनों पर लागू हैं। यात्रियों को स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का नंबर और यात्रा की तारीख के अनुसार स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में रेल सेवाएं प्रभावित

चक्रवात अर्नब बंगाल की खाड़ी से उठकर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी थी। इसी को देखते हुए रेलवे ने संवेदनशील रेलखंडों की निगरानी बढ़ाई और कई सेवाओं में एहतियाती बदलाव किए।

रेलवे की तैयारियों में प्रभावित रेलखंडों की निगरानी, कर्मचारियों की तैनाती और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था शामिल है। मौसम की स्थिति के अनुसार ट्रेनों के संचालन में आगे भी बदलाव हो सकते हैं।

कौन-कौन सी ट्रेनें प्रभावित हुईं

प्रभावित सेवाओं में लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ पैसेंजर और स्थानीय ट्रेनें भी शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से ये ट्रेनें हैं:

18107 राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस

18005 हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस

18006 जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस

18515 विशाखापत्तनम-किरंदुल एक्सप्रेस

18516 किरंदुल-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस

20707 सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस

20708 विशाखापत्तनम-सिकंदराबाद एक्सप्रेस

इनमें से कुछ ट्रेनों को एक से अधिक दिनों के लिए रद्द किया गया है। कुछ सेवाओं के रद्द होने की तारीख अलग-अलग है, इसलिए यात्रियों को पूरी सूची में अपनी ट्रेन की निर्धारित तारीख मिलाना जरूरी है।

तीन ट्रेनें बीच रास्ते में समाप्त होंगी

रेलवे ने कुछ ट्रेनों के पूरे मार्ग पर संचालन के बजाय उन्हें बीच के स्टेशन तक चलाने का फैसला किया है। इसे शॉर्ट टर्मिनेशन कहा जाता है। वहीं, शॉर्ट ओरिजिनेशन की स्थिति में ट्रेन अपने निर्धारित शुरुआती स्टेशन के बजाय किसी दूसरे स्टेशन से यात्रा शुरू करती है।

उदाहरण के तौर पर, भुवनेश्वर-जगदलपुर हिराखंड एक्सप्रेस को निर्धारित अवधि में रायगड़ा तक चलाने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद रायगड़ा और जगदलपुर के बीच सेवा प्रभावित रहेगी। वापसी दिशा में भी ट्रेन के शुरुआती स्टेशन में बदलाव किया गया है।

विंध्य के यात्रियों को क्या सावधानी रखनी चाहिए

सतना, रीवा और आसपास के क्षेत्रों से दूसरे राज्यों की यात्रा करने वाले यात्रियों को यह नहीं मानना चाहिए कि सभी ट्रेनें सामान्य रूप से चल रही हैं। विशेषकर लंबी दूरी की उन ट्रेनों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहना चाहिए, जिनका मार्ग आंध्र प्रदेश, ओडिशा या प्रभावित रेलखंडों से जुड़ता है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर सतना या रीवा से चलने वाली सभी ट्रेनों के प्रभावित होने की पुष्टि नहीं है। किसी ट्रेन के रद्द होने, देर से चलने या मार्ग बदलने की जानकारी उसके नंबर और यात्रा की तारीख के अनुसार ही जांचनी चाहिए।

ट्रेन का स्टेटस कैसे चेक करें

यात्रा से पहले इन आधिकारिक माध्यमों से जानकारी प्राप्त की जा सकती है:

NTES: नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम पर ट्रेन की वर्तमान स्थिति और संचालन संबंधी अपडेट देखें।

रेलवे हेल्पलाइन 139: ट्रेन के संचालन और यात्रा से जुड़ी जानकारी के लिए संपर्क करें।

रेलवे स्टेशन: संबंधित स्टेशन के पूछताछ काउंटर से ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करें।

SMS अलर्ट: आरक्षित टिकट बुक करते समय दिए गए मोबाइल नंबर पर रेलवे की ओर से आए संदेश देखें।

रेलवे के संचालन संबंधी फैसले मौसम की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए पुरानी सूची के बजाय यात्रा वाले दिन का नवीनतम अपडेट देखकर ही स्टेशन के लिए निकलें।

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