सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में PG के लिए नए नियमों की तैयारी, लाइसेंस और सेफ्टी ऑडिट होगा जरूरी

नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क

दिल्ली के सत्य निकेतन में PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने निजी PG और हॉस्टल को नियमन के दायरे में लाने की तैयारी तेज कर दी है। प्रस्तावित व्यवस्था में PG चलाने के लिए लाइसेंस, पुलिस क्लीयरेंस, स्ट्रक्चरल और फायर सेफ्टी NOC तथा अनिवार्य रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया जा रहा है।

90 दिन में लेना होगा लाइसेंस

प्रस्तावित Paying Guest Accommodation Regulation and Safety Bill, 2026 के तहत PG संचालकों को नगर निगम की जोनल अथॉरिटी से लाइसेंस लेना होगा। इसके साथ स्थानीय पुलिस की क्लीयरेंस और भवन की स्ट्रक्चरल व फायर सेफ्टी से जुड़ी NOC भी जरूरी होगी। मौजूदा PG को प्रस्तावित नियमों के तहत जरूरी मंजूरियां हासिल करने के लिए 90 दिन का समय देने की बात कही गई है।

हर PG को मिलेगा यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक पंजीकृत PG को एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। सरकार इसके लिए GovPG नाम से सार्वजनिक ऑनलाइन पोर्टल बनाने की तैयारी कर रही है।

पोर्टल पर PG का संपर्क विवरण, रजिस्ट्रेशन, क्षमता और सुरक्षा ऑडिट जैसी जानकारी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। छात्र इसी पोर्टल के माध्यम से शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे और उसकी स्थिति देख सकेंगे।

CCTV और सुरक्षा गार्ड भी होंगे जरूरी

प्रस्तावित नियमों में PG के सभी प्रवेश द्वार और कॉमन एरिया में CCTV कैमरे लगाने का प्रावधान है। कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रखनी होगी।

15 या उससे अधिक छात्रों की क्षमता वाले PG में रात के समय लाइसेंस प्राप्त सुरक्षा गार्ड रखने का प्रस्ताव है। इसके अलावा प्रत्येक PG में एक वार्डन नियुक्त करना होगा, जो आपात स्थिति में उपलब्ध रहे।

किराये को लेकर भी नियम प्रस्तावित

नई नीति में PG के किराये को भी नियमन के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। इसके लिए इलाके के हिसाब से किराये की सीमा तय करने वाली Rent Regulation Committee बनाने की योजना है।

प्रस्तावित नीति का उद्देश्य छात्रों से मनमाना किराया वसूले जाने पर रोक लगाना और PG संचालन में पारदर्शिता लाना है।

कॉलेजों में भी बनेगी Accommodation Committee

प्रस्तावित विधेयक में कॉलेज, विश्वविद्यालय और पंजीकृत कोचिंग संस्थानों में Institutional Accommodation Committee बनाने की बात कही गई है। इसमें शिक्षकों, छात्र प्रतिनिधियों, नगर निकाय और पुलिस के प्रतिनिधियों को शामिल करने का प्रस्ताव है।

यह समिति छात्र आवास से जुड़े मामलों और शिकायतों की निगरानी में भूमिका निभाएगी।

PG हब में एक सप्ताह में स्ट्रक्चरल ऑडिट

हादसे के बाद दिल्ली के प्रमुख PG इलाकों में भवनों की सुरक्षा जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में PG हब वाले क्षेत्रों में भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने को कहा गया है।

सत्य निकेतन के अलावा मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर, लक्ष्मी नगर, मुनीरका और दिल्ली विश्वविद्यालय के आसपास बड़ी संख्या में छात्र निजी PG और हॉस्टल में रहते हैं। सरकार का प्रस्ताव इन आवासों को औपचारिक नियमन के दायरे में लाने पर केंद्रित है।

सत्य निकेतन हादसे में सात लोगों की मौत

रविवार को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। हादसे में सात लोगों की मौत हुई। राहत और बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। शुरुआती जांच में इमारत की कमजोर स्थिति, बेसमेंट में चल रहा काम और पानी जमा होने जैसे पहलुओं की जांच की गई।

हादसे के बाद भवन मालिक को गिरफ्तार किया गया और नगर निगम के पांच कर्मचारियों को निलंबित किया गया।

सुप्रीम कोर्ट भी देशभर के लिए दिशा-निर्देश पर करेगा सुनवाई

सत्य निकेतन हादसे का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया है। अदालत ने छात्र आवासों की सुरक्षा के मुद्दे पर देशभर के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने की संभावना जताई है। मामले में अगली सुनवाई 10 सितंबर को होनी है।

फिलहाल दिल्ली सरकार की PG नीति प्रस्तावित चरण में है और इसके प्रावधानों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। दिल्ली सरकार के मुताबिक विधेयक को अगले दो महीनों में अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।

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