सागर। डिजिटल डेस्क
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली/अवैध शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन ने अब गांव-गांव जागरूकता अभियान शुरू करने का फैसला किया है। 9 से 19 सितंबर तक बंडा और शाहगढ़ जनपद की 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में मुनादी और विशेष आयोजनों के जरिए लोगों को अवैध शराब और नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा।
मौतों के बाद अब गांव-गांव पहुंचेगी प्रशासन की मुनादी
बंडा विधानसभा क्षेत्र में सामने आई शराब त्रासदी के बाद जिला प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में विशेष नशामुक्ति अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों के खतरों के प्रति जागरूक करना है।
प्रशासन के निर्देश के मुताबिक बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र की 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में यह अभियान चलाया जाएगा। गांवों में मुनादी के साथ विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
9 से 19 सितंबर तक चलेगा अभियान
जिला प्रशासन के अनुसार विशेष अभियान 9 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक चलेगा। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता दल बनाए गए हैं और नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
अभियान रोजाना दो पालियों में चलाया जाएगा। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे और दूसरी पाली शाम 4 बजे से 6 बजे तक होगी। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों तक नशे से दूर रहने का संदेश पहुंचाना है।
पहले से प्रभावित गांवों में भी हो रही मुनादी
प्रशासन की ओर से प्रभावित गांवों में कोटवारों के जरिए मुनादी कराकर ग्रामीणों को संदिग्ध शराब का सेवन नहीं करने की चेतावनी दी जा रही है। प्रशासन की अपील में शराब पीने के बाद सिरदर्द, उल्टी, दस्त, बुखार, घबराहट, आंखों में धुंधलापन या देखने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचने को कहा गया है।
मुनादी के जरिए ग्रामीणों से यह भी कहा जा रहा है कि किसी भी तरह की संदिग्ध शराब का सेवन न करें और नशे से दूर रहें।
बंडा क्षेत्र के कई गांवों में बिगड़ी थी लोगों की तबीयत
सागर जिले के बंडा और आसपास के क्षेत्रों में सितंबर के शुरुआती दिनों में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन के बाद कई लोगों के बीमार पड़ने और मौतों की खबर सामने आई थी। प्रभावित इलाकों में नौराज, गूगरा खुर्द, पाटन, बमूरा, हिनौती समेत आसपास के गांव शामिल हैं। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजकर घर-घर स्क्रीनिंग भी कराई।
मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग आंकड़े सामने आए हैं। प्रशासन ने मौतों के वास्तविक कारण और संदिग्ध शराब की भूमिका की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए हैं।
छह शराब दुकानें सील, सैंपल जांच के लिए भेजे
घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बंडा क्षेत्र की छह शराब दुकानों को एहतियातन सील किया और वहां से शराब के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। संदिग्ध शराब की आपूर्ति और बिक्री के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की जांच में अवैध शराब की सप्लाई चेन और संभावित अंतरराज्यीय कनेक्शन के पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से संभावित कनेक्शन की जांच की बात सामने आई है।
मुनादी बनी चर्चा का विषय
जहरीली शराब की घटना के बाद प्रभावित गांवों में कोटवारों के जरिए कराई जा रही मुनादी का वीडियो भी सामने आया है। इसमें ग्रामीणों से शराब से दूर रहने और शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि जागरूकता अभियान के साथ अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई भी जारी रहेगी। वहीं मजिस्ट्रियल जांच के जरिए घटना के कारण, संदिग्ध शराब के स्रोत, उसके निर्माण और वितरण तथा संभावित प्रशासनिक लापरवाही की भी पड़ताल की जा रही है।