धर्म डेस्क।
दीपावली का पर्व रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन कार्तिक अमावस्या पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दीपावली की शाम शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग भी दीपावली मनाते हैं। हालांकि, लक्ष्मी पूजन का सटीक समय हर शहर में एक जैसा नहीं होता। स्थानीय सूर्यास्त, अमावस्या तिथि और पंचांग की गणना के आधार पर पूजा का मुहूर्त निर्धारित किया जाता है।
दीपावली 2026 कब है
हिंदू पंचांग के अनुसार, दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में दीपावली रविवार, 8 नवंबर को है।
दृक पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगी। ये समय भारतीय मानक समय के अनुसार हैं।
भारत में लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार, रविवार 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजन का मुख्य मुहूर्त शाम 5:54 बजे से शाम 7:50 बजे तक है।
इस अवधि में प्रदोष काल और वृषभ लग्न का संयोग बनता है। धार्मिक मान्यताओं में दीपावली पर प्रदोष काल के दौरान लक्ष्मी-गणेश पूजन को विशेष महत्व दिया जाता है।
यह समय नई दिल्ली के लिए है। दूसरे भारतीय शहरों में स्थानीय सूर्यास्त के अंतर के कारण मुहूर्त में बदलाव हो सकता है।
विदेशों में रहने वाले भारतीय कब करें लक्ष्मी पूजा
दुनिया के अलग-अलग देशों में दीपावली की तारीख समान हो सकती है, लेकिन पूजा का स्थानीय समय अलग होता है। इसलिए विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं को अपने शहर के पंचांग के अनुसार मुहूर्त देखना चाहिए।
उदाहरण के लिए, उपलब्ध शहरवार पंचांग में 8 नवंबर 2026 को इन स्थानों के लिए लक्ष्मी पूजन का समय दिया गया है:
लंदन, ब्रिटेन: शाम 4:35 से 6:12 बजे तक।
टोरंटो, कनाडा: शाम 5:17 से 7:03 बजे तक।
सैन जोस, अमेरिका: शाम 5:23 से 7:14 बजे तक।
सिडनी, ऑस्ट्रेलिया: रात 8:04 से 9:33 बजे तक।
ये समय संबंधित शहरों के स्थानीय समय के अनुसार हैं। अन्य शहरों के लिए अलग मुहूर्त हो सकता है। पूजा की योजना बनाने से पहले स्थानीय पंचांग में समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का महत्व
हिंदू धार्मिक परंपरा में माता लक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है, जबकि भगवान गणेश को शुभारंभ और विघ्नों को दूर करने वाला देवता माना जाता है।
दीपावली पर घरों और प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई की जाती है। पूजा स्थल को दीपकों, फूलों और रंगोली से सजाया जाता है। श्रद्धालु परिवार के साथ लक्ष्मी-गणेश की पूजा करके सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
लक्ष्मी पूजा के लिए क्या तैयारी करें
पूजा से पहले लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा या चित्र, दीपक, रोली, अक्षत, पुष्प, मिठाई, फल और अन्य पूजन सामग्री तैयार रख सकते हैं। पूजा की विधि परिवार और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है।
दीपावली पर दीपक जलाते समय आग से सुरक्षा का ध्यान रखें। पूजा के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग में दिए गए मुहूर्त को प्राथमिकता दें।
ध्यान दें: भारत और विदेशों में लक्ष्मी पूजन के समय में अंतर होता है। इसलिए किसी एक शहर का मुहूर्त सभी जगहों के लिए लागू नहीं माना जाना चाहिए।