तिब्बत। डिजिटल डेस्क
चीन के तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप के कारण कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 लोग घायल हुए हैं। प्रभावित इलाके में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन करने और मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने के प्रयास शुरू किए हैं।
चीन के सरकारी आपातकालीन प्रबंधन विभाग के अनुसार, भूकंप 22 अक्टूबर 2026 को रात 10:33 बजे तिब्बत के नागकू शहर के बाचेन काउंटी में आया। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था। यह क्षेत्र समुद्र तल से करीब 4,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
16 लोगों की मौत, 54 घायल
चीनी अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप में 16 लोगों की जान गई है और 54 लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चलाया जा रहा है।
भूकंप के बाद कई इमारतों और पशुओं के बाड़ों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित गांवों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और अधिक ऊंचाई के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
राहत और बचाव अभियान तेज
भूकंप के बाद चीन के आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने राष्ट्रीय भूकंप आपदा प्रतिक्रिया शुरू की। 23 अक्टूबर को हालात की समीक्षा के बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया का स्तर बढ़ाकर तीसरे स्तर पर कर दिया गया।
बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया है। अधिकारियों ने घायलों के उपचार, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
प्रभावित क्षेत्र में ठंड और ऊंचाई को देखते हुए राहत शिविरों, अस्थायी आवास, कंबल और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने भूकंप के बाद की स्थिति पर नजर रखने और संभावित अतिरिक्त झटकों को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
भारत के भूकंप विज्ञान केंद्र ने भी दर्ज किए झटके
भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने 22 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार रात 8:03 बजे तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया। केंद्र के आंकड़ों में इसके बाद आसपास के क्षेत्र में कई छोटे भूकंप भी दर्ज हुए।
भूकंप का असर आसपास के क्षेत्रों में महसूस किया गया। हालांकि, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी इसी भूकंप के झटके महसूस होने के दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। इसलिए इन देशों में झटके महसूस होने की बात को अंतिम रूप से पुष्ट तथ्य मानने से पहले संबंधित एजेंसियों की जानकारी देखना जरूरी है।
ऊंचाई वाला क्षेत्र होने से बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण
तिब्बत का प्रभावित इलाका ऊंचाई पर स्थित है और यहां मौसम ठंडा रहता है। ऐसे क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाना, घायलों को अस्पताल तक ले जाना और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखना कठिन हो सकता है।
फिलहाल प्रशासन का ध्यान घायलों के उपचार, प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने पर है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मिलने वाली नई जानकारी के आधार पर मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है।