देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक मैकेनिक के साथ मंच साझा कर दावा किया कि E20 पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों का माइलेज कम हो सकता है और कुछ पार्ट्स खराब हो सकते हैं। दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि E20 देश की ऊर्जा सुरक्षा और हरित ईंधन नीति का अहम हिस्सा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सच क्या है?
E20 पेट्रोल क्या है
E20 ऐसा पेट्रोल है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। केंद्र सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और किसानों से खरीदे जाने वाले एथेनॉल को बढ़ावा देना है। इसी नीति के तहत देशभर में चरणबद्ध तरीके से E20 पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है।
केजरीवाल ने क्या कहा
दिल्ली में 1 अगस्त को आयोजित ‘नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20’ कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल ने एक मोटर मैकेनिक को मंच पर बुलाकर E20 पेट्रोल के प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि:
- पुरानी BS3 और BS4 गाड़ियों का माइलेज कम हो सकता है।
- कुछ वाहनों के रबर पार्ट्स, पाइप और अन्य कंपोनेंट्स पर असर पड़ सकता है।
- लोगों को पेट्रोल पंप पर Pure Petrol और E20 में से चुनने का विकल्प मिलना चाहिए।
- इस मुद्दे पर AAP देशव्यापी अभियान चलाएगी।
सरकार का क्या कहना है
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बताया कि:
- 2005 से 2016 के बीच बनी कुछ BS-III गाड़ियों में E20 इस्तेमाल करने पर कुछ रबर पार्ट्स और गैस्केट बदलने की जरूरत पड़ सकती है।
- हालांकि उपलब्ध परीक्षणों में इंजन की समग्र कार्यक्षमता पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया।
- नए E20-अनुकूल वाहनों को इसी ईंधन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
किन गाड़ियों पर ज्यादा असर की चर्चा
विशेषज्ञों के अनुसार:
- BS6 और E20-Compatible नई गाड़ियों में सामान्यतः E20 के इस्तेमाल की अनुमति निर्माता पहले से देते हैं।
- पुरानी BS3 और कुछ BS4 गाड़ियों में वाहन निर्माता की सलाह देखना जरूरी है।
- किसी भी वाहन में ईंधन संबंधी निर्णय लेने से पहले ओनर मैनुअल या अधिकृत सर्विस सेंटर की सलाह लेना बेहतर होता है।
AAP की आगे की रणनीति
केजरीवाल ने घोषणा की है कि E20 के मुद्दे पर लोगों से हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और केंद्र सरकार से पेट्रोल पंपों पर Pure Petrol का विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री आवास तक मार्च का भी ऐलान किया है।
क्या अभी घबराने की जरूरत है
फिलहाल E20 को लेकर बहस जारी है। एक ओर विपक्ष वाहन मालिकों की चिंताओं को उठा रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि नीति व्यापक परीक्षणों और चरणबद्ध तैयारी के बाद लागू की जा रही है। ऐसे में यदि आपकी गाड़ी पुरानी है, तो कंपनी की आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार ही E20 का इस्तेमाल करना बेहतर होगा।