देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कई दिनों तक उत्तर, पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। सबसे अधिक असर गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में देखने को मिल सकता है।
गुजरात में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में 25 से 28 जुलाई के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश की भी संभावना जताई गई है। इसके अलावा कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी कई स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर भारत भी अलर्ट पर
आईएमडी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में अगले कई दिनों तक कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
ओडिशा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अगले सप्ताह तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। कई क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
क्या ओलावृष्टि की चेतावनी है
देशव्यापी ओलावृष्टि का कोई व्यापक अलर्ट जारी नहीं किया गया है। फिलहाल आईएमडी का मुख्य फोकस भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं पर है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों या तीव्र गरज वाले बादलों वाले कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ ओलों की आशंका जताई गई है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर न रुकने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।