कीव। डिजिटल डेस्क
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की कीव यात्रा के दौरान रूसी ड्रोन हमले का दावा सामने आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि जिस समय जयशंकर कीव में थे, रूस ने फिर शाहेद ड्रोन लॉन्च किए। उनके मुताबिक, यूक्रेनी लड़ाकू विमानों ने अधिकांश ड्रोन को मार गिराया और भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा।
जेलेंस्की से मिले जयशंकर
एस. जयशंकर ने 3 सितंबर को कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों, शांति और दोनों देशों के बीच सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
जेलेंस्की ने भारत के उस रुख की सराहना की, जिसमें युद्ध खत्म करने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की बात कही जाती रही है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध का समय नहीं है और विश्व को भरोसेमंद शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
जयशंकर की मौजूदगी में ड्रोन हमले का दावा
जेलेंस्की ने कहा कि जब जयशंकर कीव में मौजूद थे, उसी दौरान रूस ने जेट इंजन वाले शाहेद ड्रोन लॉन्च किए। यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक, यूक्रेनी लड़ाकू विमानों ने इनमें से ज्यादातर ड्रोन को मार गिराया। उन्होंने इसी कार्रवाई को भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सुरक्षित रहने की वजह बताया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह नहीं कहा गया है कि ड्रोन हमले का निशाना भारतीय प्रतिनिधिमंडल था। इसलिए इसे भारतीय दल को सीधे निशाना बनाकर किया गया हमला बताना उचित नहीं होगा।
युद्ध खत्म करने में मदद को तैयार भारत
जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए हर संभव तरीके से मदद करने को तैयार है। भारत का लगातार रुख रहा है कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए।
जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और संघर्ष की स्थिति पर बातचीत हुई।
काला सागर की सुरक्षा पर भी बातचीत
जेलेंस्की और जयशंकर के बीच काला सागर की स्थिति और नागरिक जहाजों के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
जेलेंस्की ने खाद्य आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया। यूक्रेन का कहना है कि इन मार्गों में किसी तरह की रुकावट का असर वैश्विक खाद्य आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
पहली अलग द्विपक्षीय यात्रा
यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, जयशंकर की यह यूक्रेन की पहली अलग द्विपक्षीय यात्रा है। इससे पहले वह अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ यूक्रेन पहुंचे थे।