कल्पना मिश्रा मौत मामले में चौराहे पर बैठे विधायक, पुलिस ने हटाया; हुई नोकझोंक

रीवा। डिजिटल डेस्क

रीवा में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में चल रहा आंदोलन गुरुवार को फिर गरमा गया। मृतका के पिता रामशिरोमणि मिश्रा को प्रशासन द्वारा धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराने के अगले दिन कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा समर्थकों के साथ सिरमौर चौराहा पहुंचे। यहां पुलिस और विधायक के बीच तीखी बहस हुई। इसके बाद पुलिस ने विधायक को हिरासत में लेकर कंट्रोल रूम पहुंचाया।

जनता की राय लेने चौराहे पहुंचे विधायक

अभय मिश्रा का कहना था कि वे कल्पना मिश्रा की मौत को लेकर शुरू हुए आंदोलन के संबंध में जनता की राय लेने सिरमौर चौराहे पहुंचे हैं। उनका कहना था कि जनता से चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

विधायक के पहुंचने के बाद समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहले से मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें चौराहे पर बैठने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस हुई।

पुलिस अभिरक्षा में लेकर गई

मामला बढ़ने के बाद पुलिस ने अभय मिश्रा और उनके समर्थकों को वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की। विधायक और समर्थकों ने इसका विरोध किया। इस दौरान पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई।

बाद में पुलिस विधायक को वाहन से कंट्रोल रूम ले गई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, वहां से बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

विधायक ने उठाए कार्रवाई पर सवाल

अभय मिश्रा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या सिरमौर चौराहे पर धारा 144 लागू है, जिसके कारण लोगों को वहां बैठने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कल्पना मिश्रा के पिता को अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में उनके साथ मारपीट की गई।

हालांकि, ये आरोप विधायक की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।

विधायक ने कहा कि वे कल्पना के परिवार के साथ शुरू से खड़े हैं और मामले में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।

15 दिन से चल रहा था पिता का अनशन

कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में उनके पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर की मांग को लेकर सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन शुरू किया था। रिपोर्टों के अनुसार उनका अनशन करीब 15 दिनों तक चला।

16 सितंबर को प्रशासन ने उनकी तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए उन्हें धरना स्थल से हटाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। धरना स्थल से टेंट भी हटाया गया। प्रशासन की ओर से सड़क पर धरना होने और यातायात प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।

अस्पताल में पिता का चल रहा इलाज

जिला अस्पताल में भर्ती रामशिरोमणि मिश्रा का उपचार जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।

इस बीच सिरमौर चौराहे पर विधायक के पहुंचने और पुलिस कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद के केंद्र में आ गया है।

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