उज्जैन। डिजिटल डेस्क
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधा शुरू की जा रही है। अब दर्शन के बाद आम श्रद्धालुओं को रोजाना नि:शुल्क सूखा प्रसाद दिया जाएगा। यह व्यवस्था शुक्रवार से शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
दो निकास द्वारों पर बनाए जाएंगे काउंटर
मंदिर से दर्शन के बाद बाहर निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिए दो प्रमुख निकास द्वारों पर प्रसाद वितरण केंद्र बनाए गए हैं। यहां पैकेट के रूप में सूखा प्रसाद दिया जाएगा।
इन पैकेटों में चने, चिरौंजी और रेवड़ी शामिल होंगे। पैकेट में प्रसाद देने की व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि श्रद्धालु इसे आसानी से अपने साथ घर ले जा सकें।
भगवान को भोग लगाने के बाद होगा वितरण
मंदिर समिति के अनुसार प्रसाद वितरण प्रतिदिन सुबह की पूजा-अर्चना के बाद शुरू होगा। बाबा महाकाल को नैवेद्य और भोग अर्पित करने के बाद प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा।
मंदिर समिति की उप प्रशासक सिम्मी यादव के मुताबिक, पहले कई बार पुजारी या सेवकों के माध्यम से कुछ श्रद्धालुओं को प्रसाद मिल जाता था, लेकिन हर भक्त तक प्रसाद पहुंचना सुनिश्चित नहीं था। इसी को देखते हुए निर्धारित काउंटरों से वितरण की व्यवस्था की जा रही है।
पहले भी रही है नि:शुल्क प्रसाद की व्यवस्था
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार मंदिर में नि:शुल्क प्रसाद वितरण की व्यवस्था पहले भी रही है। अब इसे नए स्वरूप में दोबारा शुरू किया जा रहा है। पहले खुले रूप में चिरौंजी और मूंगफली आदि का प्रसाद दिया जाता था, जबकि नई व्यवस्था में पैकेट तैयार किए जाएंगे।
महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी संचालित है। नई प्रसाद व्यवस्था के जरिए दर्शन के बाद भक्तों को मंदिर से प्रसाद लेकर लौटने की सुविधा मिलेगी।
सिंहस्थ 2028 को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। प्रवेश, निकास, दर्शन और प्रसाद वितरण को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में यह व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है।
अब बाबा महाकाल के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को निर्धारित निकास द्वारों पर नि:शुल्क चने, चिरौंजी और रेवड़ी का प्रसाद मिलेगा।