सतना। डिजिटल डेस्क
सतना में प्रतिबंधित बैच की ओल्ड मोंक रम के संग्रहण और कथित होम डिलीवरी के मामले में आबकारी विभाग ने एक युवक को पकड़ा है। विभाग के मुताबिक, आरोपी फोन पर शराब का ऑर्डर लेकर डिलीवरी करता था। कार्रवाई के दौरान दो बोतल रम और बाइक समेत 78,170 रुपये का सामान जब्त किया गया है। मामले में आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
फोन पर ऑर्डर लेकर करता था शराब की डिलीवरी
आबकारी उपनिरीक्षक आशीष वाटिया के मुताबिक, ओल्ड मोंक कंपनी की रम के एक बैच को मानकों के उल्लंघन के कारण बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया गया था। बाद में नियमों का पालन सुनिश्चित होने पर अगस्त 2026 के बाद निर्मित मदिरा की बिक्री की अनुमति दी गई थी।
विभाग का आरोप है कि उतैली निवासी सुधीर उर्फ शीबू जायसवाल, उम्र 25 वर्ष, ने फरवरी 2026 के प्रतिबंधित बैच की रम का संग्रहण किया था। आरोप है कि वह फोन पर ऑर्डर लेकर इसकी डिलीवरी करता था।
15 दिन पहले खरीदी गई थी शराब की पेटी
आबकारी विभाग के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिलने के बाद टीम ने निगरानी बढ़ाई। करीब 15 दिन पहले फोन पर ऑर्डर देकर ओल्ड मोंक रम की एक पेटी खरीदी गई और जांच के लिए नमूना प्रयोगशाला भेजा गया।
इसके बाद शनिवार शाम को टीम ने दोबारा ऑर्डर देकर आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई। विभाग के मुताबिक, आरोपी बाइक से दो बोतल रम लेकर पहुंचा, तभी उसे पकड़ लिया गया।
78 हजार रुपये से अधिक का सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से शराब और बाइक समेत कुल 78,170 रुपये का सामान जब्त किया गया। इसके बाद उसके घर की तलाशी भी ली गई, लेकिन वहां बाकी शराब नहीं मिली।
आबकारी विभाग को आशंका है कि कार्रवाई की भनक लगने के बाद शेष शराब कहीं और छिपा दी गई होगी। इस संबंध में जांच जारी है।
परिवार के अन्य सदस्य भी आबकारी मामलों में आरोपी
विभाग के मुताबिक, सुधीर के पिता संतोष और बड़ा भाई आबकारी एक्ट के एक मामले में जेल में हैं। सुधीर और उसकी मां भी इसी तरह के एक मामले में कई महीने जेल में रहने के बाद करीब 15 दिन पहले जमानत पर बाहर आए थे।
विभाग ने यह भी बताया कि सुधीर के खिलाफ पहले से 14 प्रकरण दर्ज हैं। अब उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है।
जांच के बाद सामने आएगी आगे की स्थिति
आबकारी विभाग प्रतिबंधित बैच की शराब के स्रोत, संग्रहण और कथित बिक्री से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहा है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि शराब कहां से लाई गई थी और क्या इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल थे।