मंदाकिनी गंगा पर पीपा पुल के लिए 1.80 करोड़ अटके, दीपावली से पहले निर्माण पर संकट

सतना। डिजिटल डेस्क

चित्रकूट में मंदाकिनी गंगा पर प्रस्तावित अस्थाई पीपा पुल के निर्माण की तैयारियां बजट के इंतजार में अटक गई हैं। एमपीटी तिराहा से हनुमानधारा रोड को जोड़ने वाले इस पुल के लिए 1.80 करोड़ रुपए के बजट आवंटन की फाइल रीवा स्थित पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता कार्यालय में लंबित है।

जिला प्रशासन ने पुल निर्माण को फास्ट ट्रैक में शामिल किया था और दीपावली से पहले इसे तैयार करने की योजना बनाई थी। पीडब्ल्यूडी सतना के कार्यपालन यंत्री ने करीब दस दिन पहले बजट आवंटन के लिए फाइल रीवा भेजी थी, लेकिन अब तक राशि जारी नहीं हुई है।

29 अगस्त की बाढ़ में बह गया था पुराना पुल

चित्रकूट में 29 अगस्त को मंदाकिनी गंगा में आई बाढ़ के दौरान करीब 47 साल पुराना पुल बह गया था। इसके बाद भरत घाट और हनुमानधारा रोड के बीच सीधा संपर्क टूट गया।

आवागमन की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अस्थाई पीपा पुल बनाने का फैसला लिया था। इसके लिए दीपावली यानी 8 नवंबर से पहले पुल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

29 पीपा लगेंगे, अभी सिर्फ 5 उपयोग लायक

अस्थाई पुल निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) के कार्यपालन यंत्री पंकज खड़ारे और एसडीओ एमके त्रिपाठी नरसिंहपुर के तेंदूखेड़ा पहुंचकर उपलब्ध सामग्री का निरीक्षण कर चुके हैं।

मंदाकिनी गंगा पर पुल बनाने के लिए कुल 29 पीपा की जरूरत है। निरीक्षण के दौरान इनमें से सिर्फ 5 पीपा उपयोग लायक मिले। बाकी 24 पीपों की मरम्मत करानी होगी।

पीपों की मरम्मत, तेंदूखेड़ा से चित्रकूट तक परिवहन और पुल निर्माण के लिए जरूरी अन्य सामग्री की व्यवस्था के लिए 1.80 करोड़ रुपए का बजट मांगा गया है।

टेंडर प्रक्रिया शुरू, विभाग का दावा समय पर बनेगा पुल

पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री पंकज खड़ारे ने बताया कि तेंदूखेड़ा से पीपा और अन्य सामग्री चित्रकूट लाई जाएगी। बजट आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने कम समय वाला टेंडर जारी किया है और तेंदूखेड़ा में पीपों की मरम्मत का काम भी चल रहा है।

उन्होंने कहा कि पीपा पुल का निर्माण निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाएगा।

दीपावली से पहले पुल बनाना बड़ी चुनौती

एक तरफ प्रशासन ने दीपावली से पहले पुल तैयार करने का लक्ष्य रखा है, वहीं दूसरी तरफ बजट आवंटन और पीपों की मरम्मत का काम अभी पूरा होना बाकी है। ऐसे में निर्माण शुरू होने के बाद उपलब्ध समय में 29 पीपों की व्यवस्था, मरम्मत, परिवहन और पुल निर्माण पूरा करना विभाग के सामने बड़ी चुनौती होगी।


“मंदाकिनी गंगा में अस्थाई पुल बनाने के लिए तेंदूखेड़ा से सामग्री लाई जाएगी। बजट आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। कम समय वाला टेंडर जारी किया गया है। तेंदूखेड़ा में ही पीपा की मरम्मत का काम भी चल रहा है। समय पर निर्माण पूरा हो जाएगा।
— पंकज खड़ारे, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी सतना

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