क्या आपने कभी ऐसा होर्डिंग देखा है जो बारिश शुरू होते ही संगीत बजाने लगे? आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में लगाया गया एक अनोखा होर्डिंग प्रकृति, तकनीक और भारतीय शास्त्रीय संगीत का ऐसा संगम है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह अनोखा इंस्टॉलेशन Brooke Bond Taj Mahal Tea द्वारा विज्ञापन एजेंसी Ogilvy India के साथ मिलकर तैयार किया गया था। इसे वर्ष 2023 में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर लगाया गया था। लगभग 150 फीट चौड़ा यह विशाल इंस्टॉलेशन भारतीय शास्त्रीय वाद्य संतूर से प्रेरित है।
बारिश की बूंदें कैसे बन जाती हैं संगीत
इस होर्डिंग में विशेष धातु के हिस्से और पानी से सक्रिय होने वाला मैकेनिकल सिस्टम लगाया गया है। बारिश होने पर पानी का भार इन हिस्सों को संचालित करता है और पूरा सिस्टम राग मेघ मल्हार की धुन छेड़ देता है। यानी इसमें किसी अतिरिक्त बिजली या मानव हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होती, बल्कि प्रकृति ही इसकी कलाकार बन जाती है।
मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस अनूठे प्रयोग को 10 सितंबर 2023 को Largest Environmentally Interactive Billboard का Guinness World Record मिला। गिनीज के अनुसार इस होर्डिंग का क्षेत्रफल 210.86 वर्ग मीटर है और यह दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण के साथ इंटरैक्ट करने वाला होर्डिंग है।
क्यों है यह खास
‘मेघ संतूर’ सिर्फ एक विज्ञापन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पर्यावरण और तकनीक का शानदार मेल है। यह संदेश देता है कि रचनात्मक सोच के जरिए विज्ञापन भी पर्यावरण के अनुकूल और लोगों के लिए यादगार अनुभव बन सकते हैं। आज जब दुनिया टिकाऊ (Sustainable) तकनीकों की ओर बढ़ रही है, ऐसे में भारत का यह अनूठा प्रयोग बताता है कि नवाचार केवल मशीनों तक सीमित नहीं है। यदि सोच अलग हो तो बारिश की हर बूंद भी संगीत बन सकती है और एक साधारण होर्डिंग विश्व रिकॉर्ड कायम कर सकता है।