मदर डेयरी के घी में तय सीमा से 4 गुना लेड, बैच की बिक्री पर रोक

सतना। डिजिटल डेस्क

दिवाली से पहले सतना में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, मदर डेयरी ब्रांड के घी के एक बैच की प्रयोगशाला जांच में लेड की मात्रा निर्धारित सीमा से चार गुना अधिक पाई गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित बैच की बिक्री पर रोक लगाने और बाजार से उसका स्टॉक हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग के अनुसार, घी का नमूना अगस्त में लिया गया था। जांच रिपोर्ट अब खाद्य सुरक्षा विभाग को मिली है। कार्रवाई बैच नंबर MAY2657201X के घी तक सीमित है। इस रिपोर्ट के आधार पर मदर डेयरी के सभी उत्पादों या घी के सभी बैचों को असुरक्षित नहीं कहा जा सकता।

ब्लिंकिट से लिया गया था घी का सैंपल

खाद्य सुरक्षा विभाग की खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीमा पटेल ने अगस्त में ब्लिंकिट से मदर डेयरी ब्रांड के घी का नमूना लिया था। इसे जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया।

प्रयोगशाला की रिपोर्ट में नमूना निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। विभाग को मिली जानकारी के अनुसार, घी में लेड की मात्रा तय सीमा से चार गुना अधिक पाई गई।

रिपोर्ट सामने आने के बाद अभिहित अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने संबंधित बैच की बिक्री रोकने के निर्देश दिए। विक्रेताओं से इस बैच का स्टॉक बाजार से हटाने के लिए कहा गया है।

लेड की अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए क्यों चिंताजनक

लेड यानी सीसा एक विषैली भारी धातु है। शरीर में इसका प्रवेश स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। इसका प्रभाव मात्रा, संपर्क की अवधि और व्यक्ति की उम्र सहित कई कारकों पर निर्भर करता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार लेड के संपर्क का कोई ऐसा स्तर ज्ञात नहीं है जिसे पूरी तरह सुरक्षित माना जा सके। बच्चों में इसका संपर्क विशेष रूप से चिंता का विषय है, क्योंकि यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास को प्रभावित कर सकता है। अधिक संपर्क से गुर्दे, रक्तचाप और अन्य शारीरिक प्रणालियों पर भी असर पड़ सकता है।

हालांकि, किसी व्यक्ति ने संबंधित घी का सेवन किया है तो उससे नुकसान हुआ ही है, ऐसा केवल लैब रिपोर्ट के आधार पर नहीं कहा जा सकता। स्वास्थ्य संबंधी जोखिम वास्तविक मात्रा और सेवन की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

बिक्री पर रोक इसी बैच के लिए

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई संबंधित बैच नंबर MAY2657201X के लिए बताई गई है। इसलिए उपभोक्ताओं और दुकानदारों को पैकेट या डिब्बे पर अंकित बैच नंबर मिलाना चाहिए।

यदि किसी के पास यही बैच मौजूद है, तो उसे इस्तेमाल या बिक्री में लाने के बजाय खाद्य सुरक्षा विभाग अथवा संबंधित विक्रेता से आगे की आधिकारिक जानकारी लेनी चाहिए।

पारस और नमस्ते इंडिया के घी के नमूने भी हुए थे फेल

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, इससे पहले पारस और नमस्ते इंडिया ब्रांड के घी के नमूने भी जांच में असुरक्षित पाए गए थे। इन मामलों में किस बैच की जांच हुई, रिपोर्ट में कौन-सी गड़बड़ी मिली और संबंधित उत्पादों पर क्या कार्रवाई हुई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच का उद्देश्य बाजार में बिक रहे उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी करना है। रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित उत्पाद और बैच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है।

दिवाली से पहले मिठाई की दुकानों पर जांच, छह सैंपल लिए

त्योहार के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए सतना में दुकानों का निरीक्षण भी किया जा रहा है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों अभिषेक बिहारी गौर और देवेंद्र दुबे ने संजय स्वीट्स तथा वी वीनस स्वीट्स से अलग-अलग मिठाइयों के कुल छह नमूने लिए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।

रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, मिठाइयों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गुणवत्ता या मिलावट संबंधी गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

त्योहार के दौरान औचक निरीक्षण और सैंपलिंग जारी रहने की बात कही गई है। उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग, बैच नंबर, निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख की जांच करें तथा संदिग्ध उत्पादों के बारे में खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें।

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