भोपाल। डिजिटल डेस्क
मध्यप्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 21 सितंबर को जारी पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
22 सितंबर को पश्चिमी एमपी में गरज-चमक
IMD के अनुसार 22 सितंबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश में गरज-चमक और तेज हवा के साथ मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। 23 सितंबर को भी पश्चिमी हिस्से में गरज-चमक की चेतावनी जारी है।
इसके बाद 24 सितंबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी है। 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन दिनों गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां भी हो सकती हैं।
पूर्वी एमपी में 23 सितंबर से बढ़ेगी बारिश
पूर्वी मध्यप्रदेश में 22 सितंबर को कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन 23 सितंबर से भारी बारिश का दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है।
IMD ने 23 और 24 सितंबर को पूर्वी एमपी में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। 27 सितंबर को भी पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बनेगा वजह
IMD के 21 सितंबर के अपडेट के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों में डिप्रेशन और फिर गहरे डिप्रेशन में बदलने की बहुत संभावना है। यह मौसम प्रणाली मध्य और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।
सतना-जबलपुर समेत इलाकों में भी बारिश के आसार
IMD के स्थानीय पूर्वानुमानों में जबलपुर में 22 से 26 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना दर्ज की गई है। 21 सितंबर को जबलपुर में 18 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
इससे पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि किस जिले में भारी या बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, यह दिनवार बदल सकता है, इसलिए स्थानीय जिला-स्तरीय चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है।
किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी सतर्कता
बारिश और तेज हवा के दौरान खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। बिजली गिरने और आंधी के दौरान खुले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है।