सिवनी। डिजिटल डेस्क
मध्यप्रदेश में 21 साल बाद शुरू हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अगले ही दिन सिवनी में बसों के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए। शनिवार को जबलपुर-छिंदवाड़ा और जबलपुर-बालाघाट रूट पर सिवनी होकर चलीं कुछ बसों को लेकर दावा किया गया कि ये पहले से संचालित सूत्र सेवा की बसें थीं, जिनका रंग-रूप बदलकर उन्हें मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के नाम से चलाया गया।
सरकारी स्तर पर 25 सितंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत की थी। पहले चरण में सात शहरों के लिए 351 बसें रवाना की गईं, जिनमें जबलपुर के लिए 67 बसें शामिल हैं।
सिवनी पहुंचीं तो यात्रियों को हुआ शक
शनिवार को ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ लिखी बसें सिवनी पहुंचीं तो यात्रियों में पहले उत्साह नजर आया। हालांकि, स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक कुछ यात्रियों ने बसों को पहले से चल रही सूत्र सेवा की बसों के तौर पर पहचाना।
इसके बाद यात्रियों के बीच सवाल उठने लगा कि यदि नई सेवा के लिए अलग बसें आवंटित की गई हैं, तो पहले से संचालित बसों को नए नाम और रंग-रूप के साथ क्यों चलाया गया।
जबलपुर क्लस्टर में 14 इंटरसिटी बसें
सरकारी जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के पहले चरण में जबलपुर को 67 बसें मिली हैं। इनमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। प्रदेश में पहले चरण में कुल 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें सात शहरों से शुरू की गई हैं।
मध्यप्रदेश विधानसभा में फरवरी 2026 में दिए गए परिवहन विभाग के जवाब के अनुसार मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत निजी बस ऑपरेटरों के साथ अनुबंध कर PPP मॉडल पर बसों का संचालन किया जाना है। योजना को प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना है।
सिवनी से इन रूटों पर प्रस्तावित बसें
स्थानीय जानकारी के अनुसार सिवनी होकर जबलपुर-बालाघाट और जबलपुर-छिंदवाड़ा के बीच बसें चलाए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा सिवनी को इंदौर और भोपाल से जोड़ने वाली बस सेवाओं का भी प्रस्ताव बताया गया है।
असली बसें कब शुरू होंगी
यही सवाल अब यात्रियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में है। स्थानीय स्तर पर जेएसटीएसएल से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि जबलपुर क्लस्टर के लिए आवंटित नई इंटरसिटी बसों का संचालन रविवार या सोमवार से शुरू हो सकता है।
फिलहाल इसका आधिकारिक संचालन कार्यक्रम सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट नहीं मिला है। ऐसे में नई बसों के रूट, संख्या और संचालन की तारीख पर संबंधित परिवहन विभाग या जेएसटीएसएल की पुष्टि का इंतजार रहेगा।
21 साल बाद लौटी सार्वजनिक बस सेवा
मध्यप्रदेश में करीब 21 साल बाद सार्वजनिक बस सेवा नए मॉडल के साथ शुरू की गई है। 25 सितंबर को सात शहरों की 351 बसों को हरी झंडी दिखाई गई। सरकार ने पहले वर्ष करीब 1,500 बसें चलाने और वर्ष 2031 तक नेटवर्क को बढ़ाकर 15,000 बसों तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया है।
सरकार के अनुसार सेवा में इंटरसिटी और इंट्रासिटी दोनों तरह की बसें शामिल होंगी तथा बसों की लोकेशन और संचालन की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) से की जाएगी।