छह महीने की मेहनत में चमकी किस्मत, दंपती को मिले 5.16 कैरेट के 4 हीरे

पन्ना। डिजिटल डेस्क

पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने एक बार फिर मेहनत करने वाले परिवार की किस्मत चमका दी। झांसी के रहने वाले राजकुमार श्रीवास और उनकी पत्नी गुड्डी देवी को सरकोहा क्षेत्र की हीरा खदान से एक साथ चार हीरे मिले हैं। चारों हीरों का कुल वजन 5.16 कैरेट है। इनमें दो जेम क्वालिटी और दो ऑफ कलर क्वालिटी के हीरे बताए गए हैं।

दंपती ने चारों हीरों को नियमानुसार पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। अब इन्हें आगामी शासकीय नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी में मिलने वाली वास्तविक बोली के आधार पर ही हीरों की अंतिम कीमत तय होगी।

सोशल मीडिया पर हीरों की खबरें देख पन्ना आए

राजकुमार श्रीवास मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के छायपुरा निवासी बताए गए हैं। उनकी पत्नी गुड्डी देवी का मायका पन्ना जिले में है। दंपती ने पन्ना की खदानों में लोगों को हीरे मिलने की खबरें सोशल मीडिया पर देखीं, जिसके बाद उन्होंने यहां आकर किस्मत आजमाने का फैसला किया।

इसके बाद गुड्डी देवी के नाम पर सरकोहा क्षेत्र में उथली हीरा खदान का पट्टा लिया गया। पति-पत्नी ने करीब छह महीने तक खदान में मेहनत की। लगातार खुदाई और चाल की बिनाई के दौरान उन्हें यह सफलता मिली।

दो जेम क्वालिटी, दो ऑफ कलर हीरे

हीरा कार्यालय में जमा कराए गए चारों हीरों में 1.62 कैरेट और 1.29 कैरेट के दो हीरे जेम क्वालिटी के बताए गए हैं। वहीं 1.44 कैरेट और 0.81 कैरेट के दो हीरे ऑफ कलर क्वालिटी के हैं।

चारों हीरों को मिलाकर कुल वजन 5.16 कैरेट है। हीरा पारखी अनुपम सिंह ने भी इन हीरों के वजन और गुणवत्ता की जानकारी दी है।

परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद

गुड्डी देवी के अनुसार, ससुराल में पति का कामकाज ठीक नहीं चल रहा था। ऐसे में उन्होंने पति को पन्ना आकर हीरा खदान में किस्मत आजमाने की सलाह दी।

इसके बाद दोनों ने खदान में मेहनत शुरू की। एक साथ चार हीरे मिलने से परिवार को आर्थिक स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। गुड्डी देवी का कहना है कि नीलामी से मिलने वाली राशि से बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

12 लाख रुपये तक बताई जा रही अनुमानित कीमत

इन चारों हीरों की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि यह अंतिम कीमत नहीं है। हीरों को आगामी सरकारी नीलामी में खुली बोली के लिए रखा जाएगा और वहां लगने वाली सबसे ऊंची बोली के आधार पर वास्तविक बिक्री मूल्य तय होगा।

इसलिए खबर में 12 लाख रुपये को अनुमानित कीमत के रूप में ही रखा जाना उचित है, न कि तय कीमत के रूप में। अलग-अलग रिपोर्टों में अनुमानित कीमत को लेकर अंतर भी सामने आया है।

नीलामी के बाद तय होगी असली कीमत

पन्ना की हीरा खदानों से प्राप्त हीरों को नियमानुसार हीरा कार्यालय में जमा कराया जाता है और बाद में सरकारी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाता है। पन्ना जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी हीरा कार्यालय द्वारा उथली हीरा खदानों से प्राप्त हीरों के घोष विक्रय से संबंधित सूचनाएं प्रकाशित की जाती हैं।

राजकुमार और गुड्डी देवी के लिए छह महीने की मेहनत के बाद एक साथ चार हीरों का मिलना बड़ी आर्थिक उम्मीद लेकर आया है। अब दंपती की नजर आगामी नीलामी पर है, जहां इन 5.16 कैरेट हीरों की वास्तविक कीमत सामने आएगी।

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