सिवनी। डिजिटल डेस्क
मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटन के दौरान नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। खवासा-टुरिया मार्ग पर जबलपुर और नागपुर से आए पर्यटकों के एक समूह पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने और जंगल में बीयर के केन फेंकने के आरोप हैं। वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पर्यटकों के खिलाफ कार्रवाई की और अर्थदंड लगाया।
पार्क प्रबंधन के अनुसार, वन क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतना और जंगल को साफ रखना जरूरी है। तेज रफ्तार वाहन वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकते हैं, जबकि जंगल में कचरा फेंकने से प्राकृतिक पर्यावरण प्रभावित होता है।
जंगल को पिकनिक स्पॉट समझने की भूल
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को पर्यटकों के समूह ने खवासा-टुरिया मार्ग पर कथित तौर पर तेज और अनियंत्रित तरीके से वाहन चलाया। आरोप है कि इस दौरान वाहन से बीयर के खाली केन वन क्षेत्र में फेंके गए।
खवासा वन परिक्षेत्र के अमले ने इन गतिविधियों पर कार्रवाई करते हुए संबंधित पर्यटकों पर जुर्माना लगाया। पार्क प्रबंधन ने वन क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखने और नियमों का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया है।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जरूरी है सावधानी
वन क्षेत्र में तेज गति से वाहन चलाने और कचरा फेंकने से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और जंगल की स्वच्छता पर असर पड़ सकता है। पर्यटकों से अपेक्षा की जाती है कि वे निर्धारित मार्गों और नियमों का पालन करें, वाहन नियंत्रित गति से चलाएं और किसी भी तरह का कचरा जंगल में न छोड़ें।
पार्क के बैरियर पर वन विभाग की टीम पर्यटकों को नियमों की जानकारी देती है। इसके बावजूद कुछ लोगों की लापरवाही वन प्रबंधन के लिए चुनौती बनी हुई है।
टुरिया पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी
पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार, टुरिया पहुंचने के लिए पचधार की ओर से एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध है। प्रबंधन समय-समय पर पर्यटकों को मार्ग और वन क्षेत्र से जुड़े नियमों की जानकारी देता रहा है।
वन क्षेत्र से गुजरते समय वाहन चलाने में अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है, ताकि पर्यटन के साथ वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।