दिल्ली में राहुल गांधी की रैली से पहले जुटा विपक्ष, 21 दलों का शक्ति प्रदर्शन; CEC से इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की बड़ी रैली हो रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों के नेता, कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। रैली के जरिए विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी की है।

‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित इस रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं, जिन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक निकलेगा मार्च

रैली से पहले विपक्ष ने ‘चलो दिल्ली’ मार्च का कार्यक्रम बनाया है। राहुल गांधी की ओर से साझा कार्यक्रम के मुताबिक मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से शुरू होकर अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा।

मुख्य रैली का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। राहुल गांधी ने लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की है। विपक्षी गठबंधन के नेताओं के खुले बसों से मार्च के शुरुआती स्थल तक पहुंचने का कार्यक्रम भी बनाया गया है।

1 नवंबर की सुबह तक रामलीला मैदान में तैयारियां पूरी की जा रही थीं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी रैली में शामिल होने के लिए पहुंच गए थे। छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने भी मार्च में भागीदारी शुरू कर दी है।

21 विपक्षी दलों की भागीदारी, 10 लाख लोगों के जुटने का दावा

इस रैली में INDIA गठबंधन के 21 राजनीतिक दलों के नेताओं की भागीदारी अपेक्षित है। कांग्रेस ने देशभर से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है।

आयोजकों ने रैली में 10 लाख लोगों के जुटने का लक्ष्य बताया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस का अनुमान करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने का है। पुलिस के मुताबिक रामलीला मैदान की खाली अवस्था में क्षमता लगभग 45 से 50 हजार लोगों की है। मंच, कुर्सियों और रास्तों की व्यवस्था के बाद प्रभावी क्षमता घटकर करीब 30 से 40 हजार रह सकती है।

4 हजार पुलिसकर्मी तैनात, 200 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी

रैली को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। रामलीला मैदान और मार्च के रास्ते पर 4 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां तैनात की गई हैं।

रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी करेंगे।

इसके अलावा 200 से अधिक CCTV कैमरे, ड्रोन और पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है। मैदान में नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है। प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच और मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं।

एक दिन पहले 250 विपक्षी सांसदों ने की थी प्रतीकात्मक कार्रवाई

रैली से एक दिन पहले, 31 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी दलों के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित किया था।

इसमें INDIA गठबंधन के करीब 250 सांसदों ने हिस्सा लिया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि खरगे ने प्रस्ताव पेश किया और राहुल गांधी ने समापन टिप्पणी की।

इस दौरान विपक्ष ने चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, यह संसदीय प्रक्रिया के तहत होने वाला वास्तविक महाभियोग नहीं था, बल्कि राजनीतिक विरोध का प्रतीकात्मक कार्यक्रम था।

दिवाली से पहले व्यापारियों ने जताई थी नाराजगी

रामलीला मैदान में रैली की तारीख को लेकर दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने भी चिंता जताई थी। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं से रैली को दिवाली के बाद आयोजित करने की अपील की थी।

व्यापारियों का कहना था कि रैली में बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों के पहुंचने से पुरानी दिल्ली के बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है।

इस पर राहुल गांधी ने रैली में आने वाले लोगों से प्रदर्शन के साथ स्थानीय दुकानों से दिवाली की खरीदारी करने की अपील की। उनका कहना था कि इससे व्यापारियों को भी फायदा हो सकता है।

दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव

रैली और मार्च के मद्देनजर मध्य दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए हैं। ITO, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट के आसपास यातायात प्रभावित होने की संभावना है।

दिल्ली पुलिस ने लोगों को निर्धारित मार्गों का पालन करने और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी है। रैली का कार्यक्रम शाम 5 बजे तक समाप्त करने की शर्त के साथ अनुमति प्राप्त है।

विपक्ष की इस रैली को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ INDIA गठबंधन के अभियान के अगले बड़े कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के नेता अपने संबोधन में चुनाव सुधार, SIR और मतदाता अधिकारों को लेकर क्या मांगें रखते हैं।

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