तीन दिन पहले कमरे में झगड़ा, फिर मिला राजेश का शव; मौत की गुत्थी उलझी

सतना। डिजिटल डेस्क

रोजी-रोटी की तलाश में घर से दूर गए मझगवां के राजेश मिश्रा की जिंदगी गुजरात के सूरत शहर में रहस्यमय परिस्थितियों में खत्म हो गई। दिंडोली इलाके के एक किराये के कमरे में उनका शव मिला। चेहरे पर धारदार हथियार से चोट के गहरे निशान और गर्दन पर निशान मिलने की जानकारी सामने आई है। छोटे भाई की मौत की खबर मिलने पर सूरत पहुंचे बड़े भाई अवधबिहारी मिश्रा शव की हालत देखकर टूट गए। शव बुरी तरह सड़ चुका था, जिसके चलते अंतिम संस्कार भी परदेस में ही करना पड़ा। उधर, मझगवां में परिवार शोक के बीच उनकी मौत की वजह सामने आने का इंतजार कर रहा है।

50 वर्षीय राजेश मिश्रा, जिन्हें परिवार और परिचित रज्जन के नाम से भी जानते थे, सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र के निवासी थे। वह करीब छह महीने से गुजरात के सूरत शहर के दिंडोली इलाके की लक्ष्मीनारायण सोसाइटी में किराये के कमरे में रहकर पेंटर का काम कर रहे थे।

कमरे से उठी दुर्गंध, तब सामने आई घटना

बताया गया है कि 23 अक्टूबर की सुबह कमरे से तेज दुर्गंध आने पर मकान मालिक को संदेह हुआ। इसके बाद परिचितों को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में कमरा खुलवाया गया तो अंदर राजेश का शव मिला। शव की स्थिति खराब होने के कारण उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, राजेश के चेहरे के दाहिने हिस्से पर धारदार हथियार से चोट के गहरे निशान थे। गर्दन और छाती के ऊपरी हिस्से पर भी निशान मिलने की बात सामने आई है। इन परिस्थितियों के चलते मौत को संदिग्ध माना जा रहा है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगी।

20 अक्टूबर की रात झगड़े की आवाजें सुनने की चर्चा

घटना को लेकर यह जानकारी भी सामने आई है कि 20 अक्टूबर की रात कमरे से झगड़े की आवाजें सुनाई दी थीं। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो यह जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि उस रात कमरे में क्या हुआ था और राजेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

राजेश के साथ कमरे में राजाबाई उर्फ रानी नाम की महिला और रामप्रसाद व गोलू नाम के दो अन्य लोगों के रहने की बात कही गई है। उनके आपसी संबंधों और घटना के समय मौजूद लोगों की भूमिका को लेकर कई सवाल हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की संलिप्तता या हत्या के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

छह भाइयों में सबसे छोटे थे राजेश

राजेश मिश्रा छह भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाइयों में रामबिहारी, अवधबिहारी, कुंजबिहारी, शिवलाल और संतोष मिश्रा शामिल हैं। अवधबिहारी मिश्रा भाजपा नेता हैं।

राजेश का विवाह मैहर जिले के अमदरा थाना क्षेत्र के तिघरा गांव में हुआ था। वर्ष 2020 में प्रसव के दौरान उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद राजेश सूरत में रहकर पेंटर का काम कर रहे थे।

बड़े भाई अवधबिहारी सूरत पहुंचे, वहीं हुआ अंतिम संस्कार

राजेश की मौत की सूचना मिलने पर उनके बड़े भाई अवधबिहारी मिश्रा 24 अक्टूबर को सूरत पहुंचे। तब तक शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी। आवश्यक पुलिस औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सूरत में ही राजेश का अंतिम संस्कार कराया गया।

जिस भाई के घर लौटने का इंतजार परिवार को रहा होगा, उसे अंतिम विदाई भी अपने गांव से दूर देनी पड़ी। मझगवां में परिवार अब शोक में डूबा है और राजेश की मौत के पीछे की वजह जानना चाहता है।

मौत की वजह और जिम्मेदार व्यक्ति की तलाश

राजेश मिश्रा की मौत से जुड़े कई सवाल अभी अनुत्तरित हैं। उनकी मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, चेहरे और गर्दन पर मिले निशान कैसे आए और घटना के समय कमरे में कौन मौजूद था—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।

सूरत के दिंडोली इलाके की पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम और मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल परिवार को न्याय और घटना से जुड़े सवालों के जवाब का इंतजार है।

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