रतनगांव रेलवे ट्रैक पर तेंदुए के शावक की मौत

पन्ना। डिजिटल डेस्क

रैपुरा वन परिक्षेत्र के रतनगांव रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार को ट्रेन की चपेट में आने से करीब 10 माह के तेंदुए के शावक की मौत हो गई। रेलवे कर्मचारियों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक के पास पड़े शावक के शव को बरामद किया।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृत शावक मादा तेंदुए का था। ट्रेन की चपेट में आने से उसका शव गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था।

रेलवे कर्मचारियों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम

दक्षिण वनमंडल के वन मंडलाधिकारी अनुपम शर्मा ने बताया कि सुबह रेलवे कर्मचारियों से रैपुरा रेंज में रेलवे ट्रैक के पास वन्यप्राणी के पड़े होने की सूचना मिली थी।

इसके बाद रैपुरा वन परिक्षेत्राधिकारी विवेक जैन वन अमले के साथ रतनगांव रेलवे स्टेशन से करीब दो से तीन किलोमीटर दूर जंगल में रेलवे ट्रैक पर पहुंचे। मौके पर तेंदुए के शावक का शव मिला।

खराब मौसम के बीच विश्रामगृह में हुआ पोस्टमॉर्टम

मौसम खराब होने के कारण शावक के शव को रैपुरा विश्रामगृह लाया गया। यहां वन संरक्षक नरेश यादव, दक्षिण वनमंडलाधिकारी अनुपम शर्मा सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कराया गया।

आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद वन विभाग ने शव का भस्मीकरण कर दिया।

तीन माह में दूसरी वन्यजीव मौत से बढ़ी चिंता

रतनगांव रेलवे स्टेशन के आसपास का क्षेत्र घने जंगल से घिरा हुआ है। करीब तीन माह पहले भी इसी क्षेत्र में ट्रेन की चपेट में आने से एक अन्य तेंदुए की मौत हो चुकी है।

कम अंतराल में हुई दूसरी घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। जंगल के बीच से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है।

ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग और ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी

वन मंडलाधिकारी अनुपम शर्मा के अनुसार लगातार दूसरी घटना के बाद वन विभाग रेलवे ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग लगाने की संभावना पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य वन्यप्राणियों को ट्रैक तक पहुंचने से रोकना है।

इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे रेलवे ट्रैक के आसपास वन्यजीवों की आवाजाही पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

रेलवे से चर्चा कर गति नियंत्रित करने पर भी विचार

रतनगांव स्टेशन के आसपास कई किलोमीटर तक जंगल का क्षेत्र है। यहां पन्ना दक्षिण वनमंडल के साथ कटनी और दमोह जिले की वन सीमाएं भी आसपास आती हैं।

वन विभाग अब रेलवे अधिकारियों से चर्चा कर इस क्षेत्र में ट्रेनों की गति नियंत्रित करने सहित अन्य संभावित उपायों पर विचार करेगा। लगातार वन्यजीवों की मौत के बाद निगरानी, फेंसिंग और ट्रेन की गति जैसे उपायों पर वन विभाग और रेलवे के बीच समन्वय की जरूरत सामने आई है।

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