रीवा। डिजिटल डेस्क
मध्य प्रदेश के रीवा में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास पर रविवार को हुए प्रदर्शन के बाद मंगलवार को फिर सियासी माहौल गरमा गया। प्रदर्शन को लेकर दर्ज एफआईआर के विरोध में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता विवेकानंद पार्क में एकत्र हुए और जुलूस के रूप में अमहिया थाने की ओर रवाना हुए। पुलिस ने मानस भवन के पास उन्हें रोक लिया। इस दौरान हंगामा होने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। बाद में कार्यकर्ताओं को अमहिया थाने ले जाया गया, जहां उनकी गिरफ्तारी की गई।
एफआईआर के विरोध में गिरफ्तारी देने पहुंचे कार्यकर्ता
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मंगलवार को विवेकानंद पार्क में जुटे। इसके बाद जुलूस के रूप में अमहिया थाने की ओर बढ़े। पुलिस प्रशासन पहले से ही प्रदर्शन को लेकर अलर्ट था और रास्ते में बैरिकेडिंग की गई थी।
कार्यकर्ताओं को मानस भवन के समीप रोक दिया गया। यहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और हंगामे की स्थिति बनी। भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अमहिया थाने पहुंचाया, जहां उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
26 कार्यकर्ता गिरफ्तार, बाद में जमानत पर रिहा
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद में सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के आवास की सुरक्षा भी बढ़ाई। उनके घर के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया और आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए।
युवा कांग्रेस बोली- जनहित के मुद्दों पर उठा रहे आवाज
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे जनहित से जुड़े मुद्दों और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर अपनी आवाज उठा रहे थे। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के बावजूद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
कार्यकर्ताओं ने इसी एफआईआर के विरोध में सामूहिक रूप से गिरफ्तारी देने का फैसला किया था।
रविवार के प्रदर्शन के बाद बढ़ा सियासी तनाव
रीवा में यह पूरा घटनाक्रम रविवार को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास पर हुए प्रदर्शन के बाद सामने आया है। आवास पर हुए प्रदर्शन और उपद्रव को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
इसी एफआईआर के विरोध में युवा कांग्रेस ने मंगलवार को गिरफ्तारी देने का ऐलान किया था। प्रदर्शन की घोषणा के बाद पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
फिलहाल गिरफ्तारी के बाद कार्यकर्ताओं को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और कांग्रेस की आगे की रणनीति पर नजर बनी हुई है।