सतना में सोलर पैनल लगाने के नाम पर लाखों रुपये लेने के बावजूद काम अधूरा छोड़ना दो कंपनियों को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए कंपनियों को ग्राहक को ब्याज सहित 1.33 लाख से अधिक की राशि लौटाने और अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
परिवादी निकहत खान, पत्नी इरफान खान ने अपने घर पर सोलर पैनल लगवाने के लिए 21 दिसंबर 2023 को काव्या सोलर एनर्जी और शांडिल्य पॉवर समाधान प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध किया। पहली किस्त के रूप में 30,000 जमा किए गए। बाद में फाइनेंस के माध्यम से कुल 2.75 लाख का भुगतान कंपनी को कर दिया गया।
पैसे लेने के बाद अधूरा छोड़ दिया काम
परिवादी के अधिवक्ता जावेद सौदागर के अनुसार, कंपनी ने घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए केवल लोहे का स्ट्रक्चर तैयार किया, लेकिन सोलर पैनलों का इंस्टॉलेशन नहीं किया। कई बार संपर्क करने और काम पूरा करने का आग्रह करने के बावजूद कंपनी ने केवल आश्वासन दिया। काफी समय तक काम पूरा नहीं होने पर निकहत खान ने दूसरी कंपनी से 1,33,315 खर्च कर सोलर पैनल लगवाए।
उपभोक्ता आयोग पहुंचा मामला
इसके बाद निकहत खान ने दोनों कंपनियों के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, सतना में सेवा में कमी की शिकायत दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष श्यामाचरण उपाध्याय तथा सदस्य उमेश गिरि और विद्या पांडेय की पीठ ने माना कि कंपनियों की ओर से सेवा में स्पष्ट कमी रही।
आयोग ने दिया यह आदेश
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से—
- उपभोक्ता को 1,33,315 की राशि लौटाएं।
- इस राशि पर 9% वार्षिक ब्याज भी अदा करें।
- सेवा में कमी के लिए 5,000 अर्थदंड दें।
- परिवाद व्यय के रूप में 5,000 अतिरिक्त अदा करें।
उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश
यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है जो किसी कंपनी को भुगतान करने के बाद अधूरी या खराब सेवा मिलने से परेशान हैं। उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत ऐसे मामलों में जिला उपभोक्ता आयोग से राहत प्राप्त की जा सकती है।