सिवनी। डिजिटल डेस्क
कुरई थाना क्षेत्र के सतोसा गांव में खेत से मिले 22 वर्षीय युवती के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार युवती की हत्या गला दबाकर और जमीन पर पटककर की गई थी। इसके बाद हत्या को हादसा दिखाने के लिए शव में करंट दौड़ाया गया और उसे मक्के के खेत में फेंक दिया गया।
पुलिस ने मामले में युवती की मां सुनीता उईके और मामा अनिल धुर्वे को गिरफ्तार किया है। युवती का शव 30 सितंबर को सतोसा गांव के एक खेत में मिला था। शव करीब दो दिन पुराना बताया गया था। शरीर पर चोटों के साथ बिजली से झुलसने के निशान भी मिले थे।
रिजॉर्ट में काम करती थी युवती
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के गांवों और रिजॉर्ट में जानकारी जुटाई। आवरघनी स्थित रामधाम रिसॉर्ट से पता चला कि सतोसा निवासी मुस्कान उईके 28 सितंबर की शाम काम पर जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं पहुंची।
पुलिस ने हुलिया, कपड़ों और फोटो के आधार पर परिजनों से शव की पहचान कराई। इसके बाद शव की पहचान 22 वर्षीय मुस्कान उईके के रूप में हुई।
मोबाइल पर बात करने को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस के मुताबिक 28 सितंबर की रात मुस्कान घर के पास किसी व्यक्ति से काफी देर तक मोबाइल पर बात कर रही थी। उसकी मां सुनीता उईके ने उसे मोबाइल पर बात करने से मना किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया।
विवाद बढ़ने पर मुस्कान का मामा अनिल धुर्वे भी वहां पहुंच गया। पुलिस का दावा है कि इसके बाद दोनों ने मुस्कान के साथ मारपीट की और उसे जमीन पर पटकने के बाद गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
सरिया और तार से शव में दौड़ाया करंट
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की। इसके लिए सरिया और तार की मदद से शव में करंट दौड़ाया गया, जिससे शरीर पर बिजली से झुलसने के निशान आए।
इसके बाद शव को घर से करीब 150 मीटर दूर मक्के के खेत में ले जाकर फेंक दिया गया। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान सुनीता ने शुरुआत में अपनी बेटी के शव को पहचानने से भी इनकार किया था।
तकनीकी साक्ष्यों से खुली हत्या की गुत्थी
पुलिस ने घटनास्थल की जांच के साथ तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को जांच में शामिल किया। पूछताछ और मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं और सुनीता उईके तथा अनिल धुर्वे को गिरफ्तार कर लिया।
मामले के खुलासे में बरघाट एसडीओपी ललित गठरे, कुरई थाना प्रभारी कृपाल शाह टेकाम, मोहनीश बैस, एसआई इंजनसिंह मर्सकोले, राहुल काकोडिया, एएसआई भूपेंद्र नागेश्वर समेत पुलिस टीम की भूमिका रही। साइबर सेल और मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों ने भी जांच में सहयोग किया।