सागर शराब कांड के बाद टीकमगढ़ में फूटा गुस्सा: महिलाओं की भीड़ ने लाइसेंसी दुकान में की तोड़फोड़, 25 लाख की शराब नष्ट

टीकमगढ़। डिजिटल डेस्क

सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद मध्यप्रदेश में शराब के खिलाफ लोगों का गुस्सा अब दूसरे जिलों में भी दिखाई देने लगा है। टीकमगढ़ जिले के बम्होरी गांव में रविवार को महिलाओं के नेतृत्व में ग्रामीणों की भीड़ ने एक लाइसेंसी शराब दुकान में तोड़फोड़ कर दी। प्रदर्शनकारियों ने दुकान में रखी देसी शराब और भारत में निर्मित विदेशी शराब (IMFL) की बोतलें बाहर निकालकर नष्ट कर दीं। आबकारी विभाग के अनुसार नष्ट की गई शराब की कीमत करीब 25 लाख रुपए है।

बम्होरी गांव में शराब दुकान को बनाया निशाना

घटना टीकमगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर जतारा उपखंड के बम्होरी गांव की बताई गई है। रिपोर्टों के मुताबिक रविवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण शराब दुकान के विरोध में वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने शराब विरोधी नारे लगाए और सागर शराब त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए न्याय की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने दुकान में रखी शराब की बोतलें बाहर निकालकर फोड़ दीं। दुकान के सामान में तोड़फोड़ और आगजनी की भी अन्य स्थानीय रिपोर्टों में जानकारी सामने आई है।

25 लाख रुपए की शराब नष्ट होने का दावा

जिला आबकारी अधिकारी नरेश प्रताप सिंह के अनुसार, बम्होरी में मां गहौली वाइन द्वारा संचालित लाइसेंसी शराब दुकान को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया। उनके मुताबिक इस दौरान करीब 25 लाख रुपए मूल्य की देसी और भारत में निर्मित विदेशी शराब नष्ट कर दी गई।

यानी जिस दुकान को भीड़ ने निशाना बनाया, वह रिपोर्टों के अनुसार लाइसेंसी थी। यह बिंदु इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सागर की घटना कथित अवैध/मिलावटी शराब से जुड़ी जांच के बीच सामने आई है।

दुकान कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दी

डिगौड़ा थाना क्षेत्र की बम्होरी बीट में तैनात पुलिसकर्मी के अनुसार, शराब दुकान के एक कर्मचारी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है। पुलिस अब घटना में शामिल लोगों की पहचान और नुकसान की स्थिति की जांच कर रही है।

आबकारी अधिकारी ने आरोप लगाया है कि बम्होरी गांव के सरपंच ने शराब दुकान के खिलाफ माहौल बनाने के लिए सागर त्रासदी को मुद्दा बनाया और अपने स्थानीय राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने के लिए लोगों को लामबंद किया।

सागर में जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा कितना

टीकमगढ़ की घटना का तत्काल कारण सागर की शराब त्रासदी से उपजा आक्रोश बताया जा रहा है। इस मामले में मौतों का आंकड़ा अलग-अलग समय पर अलग-अलग सामने आया है। रविवार की रिपोर्टों में 16 मौतों का उल्लेख था और उसी आधार पर टीकमगढ़ की घटना की खबरें आईं।

हालांकि, 14 सितंबर को मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर शराब कांड में मृतकों की संख्या 20 होने की पुष्टि की। इसलिए मौजूदा स्थिति में 20 का आंकड़ा मंत्री की पुष्टि के आधार पर सबसे नया आधिकारिक राजनीतिक बयान है। साथ ही, कुछ रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़ों का उल्लेख होने से मौतों की संख्या को लेकर विवाद भी सामने आया है।

सागर कांड में अब तक 19 गिरफ्तार

जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस कार्रवाई भी जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने जहरीली शराब मामले में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी को रविवार को मुठभेड़ के बाद पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस का दावा है कि मामले में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

सागर की घटना के बाद शराब के अवैध कारोबार और शराब दुकानों को लेकर मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में विरोध की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में टीकमगढ़ के बम्होरी की घटना ने शराब बिक्री और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर बहस और तेज कर दी है।

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