उज्जैन। डिजिटल डेस्क
मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट से सामने आए एक वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में काली उर्फ नंद गिरि कथित तौर पर जलती चिता से शव के अवशेष निकालकर खाने का दावा करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद शिकायत पर जीवाजीगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 301 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया।
हाथ में तलवार लेकर चिता के पास पहुंचने का वीडियो
मामला जीवाजीगंज थाना क्षेत्र स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट का है। पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में काली उर्फ नंद गिरि जलती चिता के पास तलवार लिए दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह कथित तौर पर चिता से शव के अवशेष निकालकर खाने का दावा करती नजर आती हैं।
वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद संतों और स्थानीय लोगों की ओर से इस घटना पर आपत्ति जताई गई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद किन्नर अखाड़े से जुड़े विष्णु नाथ जी की शिकायत पुलिस को मिली। शिकायत में चक्रतीर्थ श्मशान घाट में जलती चिता के साथ छेड़छाड़ और शव की अवहेलना का आरोप लगाया गया।
पुलिस ने वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर मामले की जांच की। इसके बाद काली उर्फ नंद गिरि के खिलाफ BNS की धारा 301 और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया।
अखाड़ा परिषद ने भी जताई आपत्ति
वीडियो सामने आने के बाद अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने भी घटना पर कड़ी आपत्ति जताई। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने उज्जैन पुलिस अधीक्षक से चर्चा कर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज ने भी पुलिस को पत्र भेजकर कहा कि मानव अंगों का सेवन किसी धार्मिक शास्त्र में निर्धारित नहीं है। उन्होंने ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पहला वीडियो हटाने के बाद दूसरा वीडियो
पहला वीडियो वायरल होने के बाद उसे काली नंद गिरि के इंस्टाग्राम अकाउंट से हटाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह श्मशान में चिता की राख अपने चेहरे, हाथ और पैरों पर लगाती दिखाई दे रही हैं।
इस वीडियो में वह अपने खिलाफ टिप्पणी करने और विरोध करने वालों को सामने आने की चुनौती देती नजर आती हैं। मीडिया रिपोर्टों में इस वीडियो को पुलिस कार्रवाई से पहले का बताया गया है।
BNS की धारा 301 में दर्ज हुआ मामला
पुलिस के मुताबिक आरोपी पर BNS की धारा 301 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा दफन स्थल या अंत्येष्टि स्थल में अनधिकृत प्रवेश तथा मानव शव या अवशेषों के प्रति अनादर से संबंधित है। इसके साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत भी कार्रवाई की गई है।
अदालत में पेश किया गया
जीवाजीगंज पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद काली उर्फ नंद गिरि को अदालत में पेश किया। अब मामले में वायरल वीडियो, शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।