मध्य पूर्व में जारी तनाव और जंग के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित समझौते की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक ड्राफ्ट फ्रेमवर्क पर बातचीत चल रही है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी में राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं।
ईरान का दावा क्या?
ईरानी स्टेट मीडिया के अनुसार:
- होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल शिपिंग सामान्य करने की योजना
- अमेरिका और ईरान के बीच शुरुआती ड्राफ्ट तैयार हुआ है
- अमेरिका सैन्य दबाव और नौसैनिक नाकेबंदी कम कर सकता है
- समझौते को 60 दिनों के भीतर अंतिम रूप देने की कोशिश
हालांकि अभी यह सिर्फ प्रस्तावित ढांचा है, कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
- दुनिया के बड़े तेल व्यापार का अहम रास्ता
- वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है
- तनाव बढ़ने के बाद शिपिंग और तेल बाजार प्रभावित हुए
- कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला
अमेरिका की तरफ से क्या कहा गया?
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि:
“होर्मुज स्ट्रेट हर हाल में खुला रहेगा।”
हालांकि अमेरिका ने अभी तक किसी आधिकारिक डील की पुष्टि नहीं की है।
क्या जंग खत्म होने की उम्मीद?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह समझौता सफल होता है तो:
- मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है
- वैश्विक तेल बाजार को राहत मिल सकती है
- अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सामान्य हो सकती है
लेकिन दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।