नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास पैदा हुई अनिश्चितता ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दुनिया की कई प्रमुख तेल कंपनियों और ऊर्जा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का एक अहम मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से की तेल आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में किसी भी तरह की रुकावट या तनाव का सीधा असर ऊर्जा बाजार और परिवहन लागत पर पड़ सकता है।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा हालात में तेल कंपनियां वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों और भंडारण क्षमता पर ध्यान दे रही हैं। हालांकि अभी तक वैश्विक सप्लाई पूरी तरह प्रभावित नहीं हुई है, लेकिन निवेशकों और कारोबारियों की नजर क्षेत्र के घटनाक्रम पर बनी हुई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका असर पेट्रोल, डीजल, विमानन ईंधन और अन्य ऊर्जा उत्पादों की लागत पर भी पड़ सकता है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
इस बीच, विभिन्न देशों की सरकारें और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई देशों ने अपने रणनीतिक तेल भंडार और आपूर्ति योजनाओं की समीक्षा भी शुरू कर दी है।