वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन एक ऐसी योजना पर विचार कर रहा है, जिससे खाड़ी देशों को हुए नुकसान की भरपाई ईरान की फ्रीज (जमा) संपत्तियों से की जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका उन अरब सहयोगी देशों के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए ईरानी संपत्तियों का इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाश रहा है, जिन्हें हालिया हमलों में नुकसान पहुंचा है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ईरान के हमलों से खाड़ी देशों को हुए नुकसान का आकलन करें। इसके बाद यह विचार किया जाएगा कि विदेशों में फ्रीज ईरानी संपत्तियों का उपयोग मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए किया जा सकता है या नहीं।
यह कदम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में ईरान की ओर से कुवैत और बहरीन पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले किए गए थे। इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यदि नुकसान की भरपाई के लिए ईरानी संपत्तियों का उपयोग किया जाता है तो इससे प्रभावित देशों को राहत मिल सकती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका के पास विदेशों में मौजूद अरबों डॉलर की ईरानी संपत्तियों तक पहुंच से जुड़े विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक व्हाइट हाउस की ओर से इस योजना पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि किन संपत्तियों का उपयोग किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना आगे बढ़ती है तो इससे अमेरिका-ईरान संबंधों और शांति वार्ताओं पर असर पड़ सकता है। ईरान पहले ही अपनी फ्रीज संपत्तियों को मुक्त करने और प्रतिबंधों में राहत की मांग करता रहा है। ऐसे में अमेरिकी प्रस्ताव दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों को और जटिल बना सकता है।