मुंबई। डिजिटल डेस्क
जिस उम्र में ज्यादातर युवा कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर अपने करियर की शुरुआत करने की तैयारी करते हैं, उसी उम्र में अनुप्रिया नागर ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने उन्हें सीधे फिल्म निर्माण की दुनिया में पहुंचा दिया। 21 साल की इकोनॉमिक्स ग्रेजुएट अनुप्रिया ने कभी फिल्म बनाने की योजना नहीं बनाई थी। लेकिन यूनिवर्सिटी का एक असाइनमेंट, स्टीव जॉब्स से जुड़ी एक जानकारी और नीम करोली बाबा को लेकर शुरू हुई जिज्ञासा ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
आज उसी सफर से बनी ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है। फिल्म की खास बात यह भी है कि इसे कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये से कम के बजट में बनाया गया था। 30 दिनों में फिल्म का कलेक्शन 100.91 करोड़ रुपये तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
फिल्म बनाने का कोई इरादा नहीं था
अनुप्रिया नागर की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि फिल्म निर्माण उनके करियर प्लान का हिस्सा ही नहीं था। उन्होंने यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ से इकोनॉमिक्स में पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका प्लान स्विट्जरलैंड जाकर आर्ट इंडस्ट्री में नौकरी करने का था।
फिल्म बनाने की बात तो दूर, उस समय तक उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में करियर के बारे में भी नहीं सोचा था। लेकिन कॉलेज के अंतिम वर्ष में एक अकादमिक प्रोजेक्ट के दौरान उन्हें ऐसी जानकारी मिली, जिसने उनकी जिज्ञासा को एक बिल्कुल अलग दिशा दे दी।
स्टीव जॉब्स के बारे में पढ़ते-पढ़ते नीम करोली बाबा तक पहुंचीं
अनुप्रिया अपने यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट के दौरान टेक्नोलॉजी कंपनियों और उनके संस्थापकों के विचारों पर रिसर्च कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने स्टीव जॉब्स के भारत आने और नीम करोली बाबा से उनके जुड़ाव के बारे में पढ़ा।
यह जानकारी उनके लिए इसलिए चौंकाने वाली थी क्योंकि एक भारतीय संत के बारे में उन्हें जानकारी एक विदेशी शख्स के संदर्भ से मिली थी। इसके बाद उन्होंने नीम करोली बाबा के जीवन, उनके विचारों और उनसे जुड़े लोगों के बारे में और गहराई से पढ़ना शुरू किया।
शुरुआत में उनके मन में इस रिसर्च को किताब या कॉमिक बुक का रूप देने का विचार आया था। उस समय वह करीब 20 साल की थीं।
असाइनमेंट से फिल्म तक कैसे पहुंचा सफर
भारत लौटने के बाद अनुप्रिया की मुलाकात फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी से हुई। चतुर्वेदी पहले से ही नीम करोली बाबा पर फिल्म बनाने की दिशा में काम कर रहे थे।
यहीं से अनुप्रिया की रिसर्च और फिल्म निर्माण का रास्ता एक-दूसरे से जुड़ गया। दोनों ने इस विषय पर करीब एक साल तक रिसर्च की। नीम करोली बाबा से जुड़े अलग-अलग स्थानों की यात्राएं की गईं और ऐसे लोगों से बातचीत की गई, जो उनके जीवन और विचारों से परिचित रहे थे। इस रिसर्च में चित्रकूट और वृंदावन जैसे स्थान भी शामिल रहे।
21 साल की उम्र में फिल्म में लगाया अपना पैसा
यह सिर्फ एक फिल्म प्रोजेक्ट नहीं था, बल्कि अनुप्रिया के लिए व्यक्तिगत जोखिम भी था। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने विदेश में पढ़ाई के दौरान पार्ट टाइम काम से जुटाई अपनी बचत का बड़ा हिस्सा फिल्म में लगा दिया।
यानी जिस युवती ने कुछ समय पहले तक फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने के बारे में सोचा तक नहीं था, उसने अपनी कमाई को एक ऐसे फिल्म प्रोजेक्ट में लगा दिया जिसकी सफलता की कोई गारंटी नहीं थी।
पहले हफ्ते फिल्म को फ्लॉप मान लिया गया था
‘हनुमान अंश’ की सफलता इसलिए भी असामान्य है क्योंकि इसकी शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर बहुत मजबूत नहीं रही थी।
अनुप्रिया के मुताबिक पहले सप्ताह के बाद इंडस्ट्री के एक हिस्से ने फिल्म को फ्लॉप मान लिया था। टीम का मनोबल भी प्रभावित हुआ था। लेकिन इसके बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया ने फिल्म का पूरा खेल बदल दिया।
फिल्म को दर्शकों और सोशल मीडिया पर word-of-mouth का फायदा मिला और धीरे-धीरे सिनेमाघरों में इसकी मांग बढ़ती चली गई।
कम बजट की फिल्म ने पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक इसका बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन है। रिपोर्टों के अनुसार फिल्म का बजट 2 करोड़ रुपये से कम रहा, जबकि इसकी कमाई 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई।
यानी फिल्म ने अपने कथित बजट के मुकाबले कई गुना ज्यादा कारोबार किया है। यही वजह है कि इसे 2026 की अप्रत्याशित बॉक्स ऑफिस सफलताओं में गिना जा रहा है।
अनुप्रिया के लिए कमाई से ज्यादा कहानी मायने रखती है
फिल्म की सफलता के बाद जब अनुप्रिया से इसके आर्थिक परिणामों के बारे में बात हुई तो उन्होंने कहा कि बॉक्स ऑफिस कमाई उनका शुरुआती उद्देश्य नहीं था। उनका कहना है कि वह इस कहानी और इसके आध्यात्मिक संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहती थीं।
उन्होंने फिल्म से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल जरूरतमंद बच्चों की मदद और चैरिटी के लिए करने की इच्छा भी जताई है।
‘हनुमान अंश’ सिर्फ फिल्म नहीं, एक असामान्य सफर की कहानी
‘हनुमान अंश’ की सफलता को सिर्फ बॉक्स ऑफिस के आंकड़े से समझना मुश्किल है। इसके पीछे एक ऐसी कहानी है जिसमें एक इकोनॉमिक्स स्टूडेंट, यूनिवर्सिटी का असाइनमेंट, स्टीव जॉब्स की आध्यात्मिक यात्रा, नीम करोली बाबा पर रिसर्च और फिर फिल्म निर्माण—सब एक-दूसरे से जुड़ते चले गए।
21 साल की उम्र में बिना फिल्म इंडस्ट्री के अनुभव के एक फिल्म प्रोजेक्ट में उतरना अपने आप में असामान्य था। उसके बाद उसी फिल्म का 100 करोड़ क्लब में पहुंचना इस सफर को और खास बना देता है।
अब विदेशों तक पहुंचेगी फिल्म
‘हनुमान अंश’ की कहानी अब भारत से बाहर भी पहुंचने जा रही है। फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज करने की तैयारी है और 11 सितंबर 2026 से इसे विदेशी बाजारों में रिलीज किए जाने की जानकारी सामने आई है।