मंदाकिनी की तबाही के बीच चित्रकूट पहुंचे योगी: 800 परिवारों को राहत, बेघर हुए लोगों को घर-जमीन का भरोसा

चित्रकूट। डिजिटल डेस्क

मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट का जायजा लेने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को धर्मनगरी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद रामघाट पहुंचकर जमीनी हालात देखे और प्रभावित लोगों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की।

हवाई सर्वे से देखा बाढ़ का असर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार दोपहर चित्रकूट पहुंचे। देवांगना एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने मंदाकिनी के उफान से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान बाढ़ से प्रभावित बस्तियों, मकानों और अन्य नुकसान का जायजा लिया गया।

प्रशासन के अनुसार मंदाकिनी की बाढ़ से चित्रकूट जिले के 36 गांव प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर कच्चे और पक्के मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि खेतों में खड़ी खरीफ की फसल भी प्रभावित हुई है।

रामघाट पहुंचकर प्रभावित लोगों से मिले

हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री रामघाट पहुंचे। उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया और स्थानीय व्यापारियों तथा निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत और बचाव अभियान की जानकारी ली तथा प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

रामघाट में बाढ़ के पानी और तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हुई तुलसीदास की प्रतिमा का भी मुख्यमंत्री ने जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से प्रतिमा को हुए नुकसान और उसकी सुरक्षा एवं जीर्णोद्धार से जुड़ी जानकारी ली।

राहत शिविर में पीड़ितों से संवाद

रामघाट के बाद मुख्यमंत्री राहत शिविर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की। उन्होंने लोगों से उनके घर, फसल और कारोबार को हुए नुकसान की जानकारी ली तथा सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

इसके बाद रामायण मेला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। बच्चों से भी मुख्यमंत्री ने बातचीत की और उन्हें टॉफियां दीं।

800 परिवारों को राहत सामग्री

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई गई है।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि जिन परिवारों को बाढ़ की वजह से नुकसान हुआ है, उन्हें नियमानुसार आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

जिनके घर बह गए, उन्हें मिलेगा आवास

बाढ़ में घर गंवाने वाले परिवारों के पुनर्वास को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान बाढ़ में बह गए या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

बेघर परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया भी कार्यक्रम में शामिल रही। पात्र प्रभावित परिवारों को आपदा मोचक निधि से राहत राशि उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई।

किसानों के नुकसान का भी होगा आकलन

बाढ़ से खेतों में खड़ी खरीफ की फसल को हुए नुकसान को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सर्वे कराने के निर्देश दिए। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि प्रभावित परिवारों और किसानों के नुकसान का आकलन कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए।

बचाव अभियान में पहले ही लगाई गई थीं टीमें

मुख्यमंत्री ने बताया कि जब चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति की जानकारी मिली, उस समय वह बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में थे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को अलर्ट करने और राहत-बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए थे।

प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य जारी रखा गया है। रामघाट क्षेत्र में जल पुलिस, मोटरबोट और गोताखोरों की तैनाती भी की गई है।

सरकार के साथ होने का दिया भरोसा

बाढ़ पीड़ितों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है। उन्होंने अधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उनके नुकसान का आकलन कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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