सागर। डिजिटल डेस्क
मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से 11 लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। कई गांवों में एक साथ लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर जांच और स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। प्रभावित लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जांच में शराब की सप्लाई का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़ने की बात सामने आई है।
शनिवार रात शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
घटना बंडा तहसील के कई गांवों में सामने आई है। शनिवार रात शराब पीने के बाद कुछ लोगों को उल्टी, चक्कर और आंखों से धुंधला दिखाई देने जैसी शिकायतें होने लगीं। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे।
रविवार सुबह से मौतों का सिलसिला सामने आने लगा। उपलब्ध ताजा प्रशासनिक अपडेट के अनुसार मृतकों की संख्या 11 पहुंच चुकी है। मृतकों में बंडा तहसील के घूघरा खुर्द, नौराज, बमूरा, पाटन, चौका और दलपतपुर समेत आसपास के गांवों के लोग शामिल बताए गए हैं।
दर्जनों लोग अस्पताल में भर्ती
घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों को बंडा सिविल अस्पताल, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और सागर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
अलग-अलग समय के अपडेट में भर्ती मरीजों की संख्या बदलती रही है। बाद के स्वास्थ्य विभागीय अपडेट में करीब 80 लोगों के उपचाराधीन होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई मरीजों में धुंधला दिखाई देने और चक्कर आने जैसे लक्षण बताए गए हैं। एक गंभीर मरीज को बेहतर उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से भोपाल भेजे जाने की भी जानकारी है।
मिथाइल अल्कोहल की आशंका, अभी पुष्टि नहीं
स्वास्थ्य अधिकारियों ने मरीजों में दिखाई दे रहे लक्षणों के आधार पर मिथाइल अल्कोहल पॉइजनिंग की आशंका जताई है। हालांकि, मौतों का वास्तविक कारण अभी अंतिम रूप से सामने नहीं आया है।
मृतकों के पोस्टमार्टम और शराब के नमूनों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शराब में कौन-सा जहरीला पदार्थ मौजूद था और मौतों का सीधा कारण क्या रहा।
ललितपुर से शराब सप्लाई का कनेक्शन
शुरुआती जांच में संदिग्ध शराब की सप्लाई का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़ने की बात सामने आई है। प्रशासन और पुलिस इस बात की जांच कर रहे हैं कि शराब कहां से लाई गई, किसने इसकी सप्लाई की और प्रभावित गांवों तक इसे कैसे पहुंचाया गया। फिलहाल सप्लाई नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है।
सात शराब दुकानें सील
घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाके की सात शराब दुकानों को सील कर दिया है। इन दुकानों से शराब के सैंपल लिए जा रहे हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि संदिग्ध शराब का स्रोत क्या था और क्या इन दुकानों से इसका कोई संबंध है।
3 आबकारी अधिकारी और 2 पुलिसकर्मी निलंबित
मामले में सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की है। सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, अतिरिक्त जिला आबकारी अधिकारी दिलीप कंडाका और आबकारी उपनिरीक्षक रोशनी उरेती को निलंबित किया गया है।
इसके अलावा बंडा थाना प्रभारी और गूघरा चौकी प्रभारी को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी को सागर से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
तीन एफआईआर, जांच तेज
पुलिस ने मामले में अलग-अलग शिकायतों के आधार पर तीन एफआईआर दर्ज की हैं। जांच में संदिग्ध शराब के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
गांव-गांव पहुंच रही स्वास्थ्य टीमें
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में डॉक्टरों और नर्सों की टीमें तैनात की हैं। टीमें घर-घर जाकर उन लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं, जिन्होंने पिछले 24 से 48 घंटे में शराब का सेवन किया था।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि शराब पीने के बाद उल्टी, चक्कर, सिरदर्द, आंखों से धुंधला दिखाई देना या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तत्काल अस्पताल पहुंचें।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस प्रभावित लोगों के उपचार, संदिग्ध शराब के नमूनों की जांच और सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने पर है। मौतों की अंतिम वजह पोस्टमार्टम, मेडिकल जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार ने साफ किया है कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।