आगरा का चर्चित Agra Ruby Murder Case अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत में पेशी के दौरान आरोपी रूबी के भावुक होने की चर्चा है, लेकिन पुलिस की नजर अब केवल उसके बयान पर नहीं, बल्कि उन सबूतों पर है जो इस पूरे मामले की परतें खोल सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने और शव को बाथरूम के फर्श के नीचे दफनाने में क्या किसी अन्य व्यक्ति ने भी मदद की थी।
कोर्ट में पेशी के बाद जांच का फोकस बदला
सूत्रों के मुताबिक, अदालत में पेशी के दौरान रूबी ने अपने कृत्य पर पछतावा जताया। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच केवल कथित स्वीकारोक्ति के आधार पर नहीं चलेगी। वैज्ञानिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले सबूत पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।
क्या अकेले दफनाया जा सकता था शव
जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक व्यक्ति अकेले घर के बाथरूम का फर्श तोड़कर गड्ढा खोदे, शव दफनाए, फिर सीमेंट और टाइल लगाकर सब कुछ सामान्य बना दे—क्या यह बिना किसी मदद के संभव था?
इसी वजह से पुलिस आसपास के लोगों, परिवार के सदस्यों और संभावित संपर्कों से पूछताछ कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी विस्तार से जांच की जा रही है।
45 दिन तक ‘लापता’ की कहानी
पुलिस के अनुसार, मृतक करीब 45 दिनों से लापता बताया जा रहा था। इस दौरान गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई गई। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने घर के बाथरूम का फर्श खुदवाया, जहां से शव बरामद हुआ। इसके बाद मामले ने हत्या की जांच का रूप ले लिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलेंगे कई जवाब
पुलिस का कहना है कि मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा। साथ ही मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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