उमरिया। मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मानसून सीजन के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। एक जुलाई से शुरू हुई विशेष मानसून गश्त के तहत अगले तीन महीनों तक 900 से अधिक वनकर्मी जंगल के 175 पेट्रोलिंग कैंपों में रात्रि विश्राम करते हुए 300 संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखेंगे।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लगभग 1,536 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यह उमरिया के साथ कटनी और शहडोल जिलों तक विस्तारित है। यहां छह कोर और तीन बफर रेंज में देश के सबसे अधिक बाघ घनत्व वाले क्षेत्रों में से एक माना जाता है। रिजर्व में 200 से अधिक बाघ, करीब 60 हाथी और अन्य वन्यजीव मौजूद हैं।
मानसून में बढ़ जाता है शिकार का खतरा
बरसात के मौसम में जंगल के भीतर के कच्चे रास्ते और पगडंडियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। ऐसे में वन विभाग की नियमित आवाजाही प्रभावित होती है, जिसका फायदा शिकारी और अवैध गतिविधियों में शामिल लोग उठाने की कोशिश करते हैं। इसी खतरे को देखते हुए हर साल विशेष मानसून गश्त संचालित की जाती है।
600 रूट पर रोजाना होगी निगरानी
क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, इस वर्ष नौ रेंजों में गश्त के लिए करीब 600 रूट निर्धारित किए गए हैं। यह अभियान 1 जुलाई से 30 सितंबर तक चलेगा।
गश्त में शामिल होंगे—
- 950 से अधिक वन अधिकारी और कर्मचारी
- 250 से अधिक मैदानी अमला (डिप्टी रेंजर और वनरक्षक)
- 10 रेंजर
- 4 एसडीओ
- क्षेत्र संचालक एवं उपसंचालक द्वारा नियमित निरीक्षण
हर दिन और हर सप्ताह की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी।
हाथी दल, ड्रोन और वाहन भी रहेंगे तैनात
मानसून गश्त में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक संसाधनों दोनों का उपयोग किया जाएगा।
- 15 पालतू हाथियों में से 10 हाथियों को गश्त में लगाया गया है।
- दुर्गम और जलभराव वाले इलाकों में हाथियों की मदद से निगरानी होगी।
- करीब 70 चार पहिया वाहन और दोपहिया वाहन गश्त में लगाए जाएंगे।
- पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों की निगरानी के लिए आवश्यकता पड़ने पर ड्रोन का भी उपयोग किया जाएगा।
हर शाम होगी रिपोर्टिंग
वन विभाग के अनुसार प्रत्येक गश्ती दल निर्धारित रूट पर जंगल में निगरानी करेगा और तय पेट्रोलिंग कैंप में रात्रि विश्राम करेगा। प्रत्येक टीम में बीटगार्ड के नेतृत्व में कम से कम पांच सदस्य होंगे। सभी टीमों को रोजाना शाम तक अपनी रिपोर्ट संबंधित रेंज कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।
क्षेत्र संचालक ने क्या कहा
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि मानसून गश्त एक जुलाई से शुरू हो चुकी है। बरसात के दौरान वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए यह विशेष अभियान चलाया जाता है। इस बार करीब 175 पेट्रोलिंग कैंप और 300 संवेदनशील पॉइंट्स पर लगभग 900 सुरक्षा प्रहरी लगातार निगरानी रखेंगे।