भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से साइबर प्रताड़ना और Deepfake AI के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि शादी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद राजस्थान के उदयपुर निवासी युवक ने बदले की भावना से उसकी AI की मदद से फर्जी हनीमून और निजी तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। इतना ही नहीं, आरोपी ने नकली गोदभराई के कार्ड छपवाकर कॉलोनी में बंटवाए और परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए सैकड़ों टैक्सियां तक घर भेज दीं।
मैट्रिमोनियल वेबसाइट से हुई थी पहचान
पीड़िता के अनुसार उसकी बहन ने विवाह के लिए मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाया था। इसी दौरान उदयपुर निवासी युवक से संपर्क हुआ। दोनों परिवारों की मौजूदगी में मुलाकात भी हुई, लेकिन युवक का व्यवहार संदिग्ध लगने पर युवती और उसके परिवार ने रिश्ता आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी लगातार फोन, मैसेज और अलग-अलग नंबरों से संपर्क कर परेशान करने लगा।
AI से बनाई फर्जी हनीमून और निजी तस्वीरें
युवती का आरोप है कि रिश्ता टूटने के बाद आरोपी ने Artificial Intelligence (AI) और Deepfake तकनीक का इस्तेमाल कर उसकी शादी, हनीमून और निजी पलों जैसी फर्जी तस्वीरें तैयार कीं। इन तस्वीरों को सोशल मीडिया, फर्जी अकाउंट और व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए फैलाया गया, ताकि उसकी सामाजिक छवि खराब हो सके।
गोदभराई के कार्ड छपवाकर कॉलोनी में बांटे
आरोप है कि आरोपी ने यहीं तक सीमित नहीं रहा। उसने युवती के नाम से गोदभराई (Baby Shower) के फर्जी निमंत्रण कार्ड छपवाए और उन्हें अखबार वितरकों के माध्यम से कॉलोनी में बंटवा दिया। कार्ड में मेहमानों को चांदी का सिक्का देने का भी उल्लेख किया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें और परिवार को शर्मिंदगी का सामना करना पड़े।
एक दिन में घर भेज दीं 500 से ज्यादा टैक्सियां
परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने ऑनलाइन कैब बुकिंग प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते हुए युवती के पते पर 500 से अधिक टैक्सी और बाइक टैक्सी बुक कर भेज दीं। इससे परिवार के साथ-साथ टैक्सी चालकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग नंबरों से फोन कर लगातार परिवार को परेशान करता रहा।
महिला आयोग पहुंचा मामला, पुलिस जांच शुरू
पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग से की है। आयोग ने इसे गंभीर साइबर अपराध मानते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं भोपाल पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
AI के गलत इस्तेमाल ने बढ़ाई चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि Deepfake AI और जनरेटिव AI तकनीकों का गलत इस्तेमाल व्यक्तिगत छवि खराब करने, साइबर स्टॉकिंग और डिजिटल ब्लैकमेल जैसे अपराधों को बढ़ा रहा है। यह मामला दिखाता है कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग किसी व्यक्ति और उसके परिवार को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से कितना प्रभावित कर सकता है।