पहले नेहा, अब पटना में छात्रा पकड़ी गई, ट्रेन से शराब तस्करी के दो मामले चर्चा में

पटना। डिजिटल डेस्क

बिहार में शराबबंदी के बावजूद ट्रेनों के जरिए शराब की तस्करी का मामला सामने आया है। समस्तीपुर में 75 लीटर विदेशी शराब के साथ नेहा झा की गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद पटना जंक्शन पर भी एक बीए छात्रा और उसके साथी को शराब की खेप के साथ पकड़ा गया है। दोनों मामले अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों में ट्रेन के जरिए शराब बिहार पहुंचाने की बात सामने आई है।

इंदौर एक्सप्रेस से पटना पहुंची थी शराब की खेप

पटना कोतवाली पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को सूचना मिली थी कि इंदौर एक्सप्रेस से शराब की खेप लेकर कुछ लोग पटना पहुंच रहे हैं। इसके बाद पटना जंक्शन के बाहर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

ट्रेन से उतरने के बाद एक युवती और युवक संदिग्ध गतिविधियों के चलते पुलिस के रडार पर आए। पुलिस को देखते ही दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके बैग से 15.300 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई।

बीए की पढ़ाई के साथ कर रही थी पुलिस भर्ती की तैयारी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवती दानापुर इलाके की रहने वाली है। वह बीए की पढ़ाई कर रही है और बिहार पुलिस में भर्ती की तैयारी भी कर रही थी।

पूछताछ में उसने बताया कि वह पैसे के लिए शराब की खेप पहुंचाने के काम में शामिल हुई थी। पुलिस के मुताबिक, वह वाराणसी से इंदौर एक्सप्रेस के जरिए शराब लेकर पटना पहुंची थी।

14 हजार की शराब पहुंचाने के बदले मिले 2 हजार

जांच में सामने आया कि बरामद शराब की कीमत करीब 14 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, शराब की यह खेप पटना पहुंचाने के बदले युवती को करीब 2 हजार रुपये देने का वादा किया गया था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वाराणसी में शराब की खेप किसने दी थी और पटना में इसकी डिलीवरी किसे की जानी थी।

साथ में पकड़ा गया युवक भी जांच के दायरे में

युवती के साथ पकड़े गए युवक की पहचान रमण कुमार के रूप में हुई है। दोनों दानापुर के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।

समस्तीपुर में नेहा झा की गिरफ्तारी के बाद दूसरा मामला

इससे पहले समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास कोच से करीब 75 लीटर ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की गई थी। इस मामले में नेहा झा और ईशान कुमार को गिरफ्तार किया गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ट्रेन के H-1 कोच के कूप नंबर सात में मौजूद थे। तलाशी के दौरान दो बड़े सूटकेस से विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, दोनों के पास वैध यात्रा टिकट भी नहीं था।

नेहा के मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस ने SIT का गठन किया है। टीम उसकी ट्रैवल हिस्ट्री, संपर्कों और संभावित शराब तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है।

क्या दोनों मामलों का आपस में कोई कनेक्शन है

फिलहाल दोनों मामलों के बीच सीधे कनेक्शन की पुष्टि नहीं हुई है। पटना पुलिस अपने मामले में वाराणसी से शराब की सप्लाई करने वाले व्यक्ति और पटना में डिलीवरी लेने वाले संभावित लोगों की तलाश कर रही है।

वहीं समस्तीपुर के नेहा झा मामले में रेल पुलिस अलग से उसके संपर्कों और कथित नेटवर्क की जांच कर रही है। इसलिए दोनों मामलों को एक ही गिरोह से जुड़ा बताना अभी जल्दबाजी होगी।

पुलिस खंगाल रही शराब तस्करी का नेटवर्क

पटना पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप कहां से मंगाई गई थी, किसके निर्देश पर लाई गई और इसकी डिलीवरी किसे होनी थी। जांच में नेटवर्क के अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद ट्रेनों और अन्य परिवहन माध्यमों से शराब की तस्करी पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। इस मामले में भी पुलिस का फोकस शराब की खेप पहुंचाने वाले स्थानीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

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