‘सुंदर महिला के शव से होता है रेप’, रीवा के संजय गांधी अस्पताल पर कांग्रेस विधायक का गंभीर आरोप

रीवा। डिजिटल डेस्क

मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय को लेकर सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। 8 सितंबर को जयस्तंभ चौराहे पर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान विधायक ने पोस्टमॉर्टम व्यवस्था और अस्पताल की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अगर किसी सुंदर महिला की मौत हो जाती है और पोस्टमॉर्टम के दौरान उसके परिजन मौजूद नहीं रहते, तो उसके शव के साथ दुष्कर्म किया जाता है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान लगाया आरोप

अभय मिश्रा ने यह बयान उस समय दिया जब कांग्रेस कार्यकर्ता और मृतका कल्पना मिश्रा के परिजन संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विधायक ने अस्पताल में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया और शवों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।

विधायक ने आरोप लगाया कि यदि पोस्टमॉर्टम के समय मृतका के परिवार के लोग मौजूद नहीं रहते और कथित तौर पर वहां मौजूद रहने के लिए पैसे नहीं देते हैं, तो महिला के शव के साथ दुष्कर्म किया जाता है। उन्होंने पोस्टमॉर्टम के नाम पर मृतकों के परिजनों से पैसे लिए जाने का आरोप भी लगाया।

अस्पताल पहले से कई मामलों को लेकर सवालों में

संजय गांधी अस्पताल पिछले कुछ दिनों से लगातार विवादों में है। अगस्त में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए थे। मामले में दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग स्टाफ को निलंबित किया गया था। बाद में मेडिकल कॉलेज के डीन को भी पद से हटाया गया।

कल्पना मिश्रा के परिजन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR और आपराधिक कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं। इसी मामले को लेकर कांग्रेस ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।

जिंदा मरीज को मृत घोषित करने का मामला भी आया सामने

इसी अस्पताल में 5 सितंबर को एक अन्य मामला सामने आया, जिसमें 66 वर्षीय मरीज गिरिजा प्रसाद गुप्ता को इलाज के दौरान मृत घोषित किए जाने की खबर सामने आई थी। परिजनों के मुताबिक उन्हें शवगृह की ओर ले जाया गया, जहां बाद में उनकी नब्ज चलती मिली। इसके बाद उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

एसडीएम के मुताबिक डॉक्टरों ने बताया था कि कभी-कभी ऐसी स्थिति बन सकती है जिसमें मरीज की पल्स बंद होने के बाद दोबारा शुरू हो जाती है। हालांकि, घटना ने अस्पताल में मरीजों की निगरानी और मृत्यु की पुष्टि की प्रक्रिया पर सवाल जरूर खड़े किए।

अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

इन घटनाओं के बीच रीवा कलेक्टर ने 8 सितंबर की रात संजय गांधी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। रिपोर्ट के मुताबिक निरीक्षण के दौरान कुछ वरिष्ठ ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं मिले और अस्पताल में साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई गई।

ऐसे माहौल में विधायक अभय मिश्रा के ताजा आरोपों ने अस्पताल की पोस्टमॉर्टम व्यवस्था, शवों की निगरानी और सुरक्षा प्रबंधों को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।

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