अमावस्या मेला आज: चित्रकूट में 450 जवान तैनात, मंदाकिनी घाटों पर SDRF की निगरानी

चित्रकूट। डिजिटल डेस्क

भीषण बाढ़ के बाद चित्रकूट में आज पहली अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदाकिनी नदी के घाटों पर विशेष निगरानी के साथ श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए कई स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

रस्सियों से घेरा गया रामघाट

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मध्य प्रदेश की तरफ मंदाकिनी नदी के घाटों पर गहरे पानी वाले स्थानों को रस्सियों से घेरा गया है। पोस्टर और पंपलेट के जरिए भी लोगों को नदी में अधिक गहराई तक नहीं जाने की अपील की जा रही है। इसके अलावा लाउडस्पीकर के जरिए लगातार उद्घोषणा कर श्रद्धालुओं को सावधान किया जा रहा है।

नदी में किसी तरह की जलीय आपदा की स्थिति से निपटने के लिए SDERF के जवानों को मोटरबोट और लाइफ जैकेट के साथ तैनात किया गया है। जवान घाटों पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं और श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।

वहीं, उत्तर प्रदेश की सीमा में जिला प्रशासन ने रामघाट पर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए फ्लोटिंग बैरियर लगाए हैं। बाढ़ के बाद नदी और घाटों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

PHQ से SAF की एक कंपनी और दो DSP मिले

अमावस्या मेले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया गया है। पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह के आग्रह पर 9वीं बटालियन SAF रीवा के 90 जवानों की एक कंपनी और दो DSP भेजे गए हैं।

इसके अलावा पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत की ओर से 120 जवानों की सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिला पुलिस, होमगार्ड और SDRF के अधिकारी-कर्मचारियों को मिलाकर कुल 450 जवानों की सुरक्षा व्यवस्था मेले में लगाई गई है।

संपूर्ण मेला सुरक्षा बल गुरुवार शाम को चित्रकूट पहुंच गया था। पुलिस अधिकारियों ने जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के बाद अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी के लिए रवाना किया।

भीड़ के बीच सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी रखेंगे नजर

अमावस्या मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की कमान एडिशनल एसपी देहात प्रेमलाल कुर्वे को सौंपी गई है। उनके साथ चित्रकूट SDOP राजेश बंजारे, नागौद SDOP रघु केसरी, ट्रैफिक DSP संजय खरे और हेडक्वार्टर DSP मनोज दीक्षित भी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।

भीड़ में चोरों और जेबकतरों पर नजर रखने के लिए सिविल ड्रेस में पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। मेला क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही है।

यातायात व्यवस्था को लेकर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर रूट डायवर्ट किया गया है। मेला क्षेत्र के बाहर वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान भी चिन्हित किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही में परेशानी न हो।

बाढ़ के बाद पहली अमावस्या, इसलिए विशेष सतर्कता

भीषण बाढ़ के बाद चित्रकूट में यह पहली अमावस्या है। ऐसे में प्रशासन का फोकस श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ मंदाकिनी नदी और घाटों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। पुलिस और SDRF की तैनाती के साथ श्रद्धालुओं से भी नदी के गहरे पानी में जाने से बचने और प्रशासन की अपील का पालन करने को कहा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *