भावांतर योजना लागू की तो भोपाल, रीवा और जबलपुर जाम करने की चेतावनी

सिवनी। डिजिटल डेस्क

सिवनी में गुरुवार को प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली और आमसभा को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच दिनभर खींचतान की स्थिति बनी रही। मंडला बायपास आमाझिरिया में पुलिस ने ट्रैक्टर रैली रोक दी, जिसके बाद किसानों ने वहीं सभा की। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्का जी’ ने प्रदेश सरकार की भावांतर योजना का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि इसे लागू किया गया तो भोपाल, रीवा और जबलपुर को जाम कर दिया जाएगा।

मंडला बायपास पर रोकी ट्रैक्टर रैली, वहीं हुई सभा

15 अगस्त से शुरू हुई किसान जागरण यात्रा का समापन गुरुवार को सिवनी में होना था। किसानों की ओर से सिमरिया मंडी में सभा और ट्रैक्टर रैली की अनुमति मांगी गई थी। बुधवार को अनुमति को लेकर दिनभर असमंजस के बाद प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

गुरुवार को मिशन स्कूल मैदान में अनुमति का आदेश सामने आया, लेकिन कान्हीवाड़ा की ओर से ट्रैक्टर रैली लेकर पहुंचे किसानों को मंडला बायपास आमाझिरिया में रोक दिया गया। इसके बाद किसान वहीं सभा करने पर सहमत हुए।

सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्का जी’ ने जिला प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई और प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा।

सरकार पर साधा निशाना

कक्का जी ने प्रदेश सरकार की भावांतर योजना का विरोध करते हुए इसे किसानों के हित के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है। उनका कहना था कि मध्य प्रदेश में बड़ी मात्रा में धान का उत्पादन होता है और यदि भावांतर योजना लागू की गई तो किसान भोपाल, रीवा और जबलपुर को जाम करने के लिए आंदोलन करेंगे।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी विरोध

किसान नेता ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि किसानों के विभिन्न संगठनों की ओर से इसे लेकर दिल्ली में कई बैठकें हो चुकी हैं।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार कई देशों के साथ व्यापार समझौतों की दिशा में आगे बढ़ रही है और अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील से भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका के साथ ऐसा समझौता होने पर किसान आंदोलन को और तेज करेंगे।

C2+50 और कर्जमाफी की मांग

कक्का जी ने किसानों की दो प्रमुख मांगों को ऋण मुक्ति और पूरा दाम बताया। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल की पूरी लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफे के आधार पर लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए और उस कीमत पर फसल खरीद की कानूनी गारंटी भी होनी चाहिए।

उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों का उल्लेख करते हुए C2+50 लागू करने की मांग दोहराई। इसके साथ ही किसानों को संपूर्ण कर्ज से मुक्त करने की मांग भी उठाई।

पुलिस बल की तैनाती के बीच रोकी गई रैली

किसानों के शहर में प्रवेश की आशंका को देखते हुए मंडला बायपास पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। एएसपी दीपक, एसडीओपी चंचलेश मरकाम, टीआई चंद्रकिशोर सिरामे, डूंडासिवनी टीआई चैनसिंह उइके, कोतवाली टीआई सतीश तिवारी और यातायात निरीक्षक विजय बघेल समेत पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

प्रशासन और किसानों के बीच रैली को शहर में ले जाने और ज्ञापन सौंपने को लेकर भी बातचीत हुई, लेकिन बाद में प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। पुलिस की मशक्कत के बाद किसानों को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया गया।

शाम को किसानों ने मंडला बायपास पर ही राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके बाद किसान अपने ट्रैक्टर लेकर वापस लौट गए।

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन में ये प्रमुख मांगें

किसानों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में धान, मक्का, गेहूं, सोयाबीन, कपास समेत सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा भावांतर योजना बंद करने, किसानों को संपूर्ण कर्जमुक्त करने और MSP गारंटी कानून बनाने की मांग शामिल रही।

ज्ञापन में C2+50 के अनुसार सभी फसलों का लाभकारी मूल्य और खरीद की गारंटी, भारत-अमेरिका ट्रेड डील समाप्त करने, संजय सरोवर परियोजना के भीमगढ़ जलाशय की नहरों का सीमेंटीकरण और रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता में पारदर्शिता की मांग भी की गई।

किसानों ने दुकानदारों और डबल लॉक केंद्रों पर खाद की लिमिट हटाने, रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने तथा नकली खाद, बीज और दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी रखी।

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