नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क
दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर एक ट्रेन के अंदर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पोस्टरों पर लोगों को ऑनलाइन समूह से जुड़ने के लिए QR कोड भी दिया गया था। पुलिस ने पोस्टर जब्त कर लिए हैं और उन्हें लगाने वाले लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
यह मामला 20 अक्टूबर 2026 को सामने आया था। पोस्टर नई दिल्ली से यशोभूमि जाने वाली मेट्रो ट्रेन में एक सीट पर चिपके मिले थे। मामले की जांच में दिल्ली मेट्रो पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी शामिल है।
ट्रेन की सीट पर मिले थे दो पोस्टर
जानकारी के अनुसार, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) में तैनात ट्रेन ऑपरेटर तरुण चौधरी 20 अक्टूबर की शाम एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर ड्यूटी कर रहे थे। ट्रेन शाम करीब 6:50 बजे नई दिल्ली स्टेशन से रवाना हुई और लगभग 7:15 बजे यशोभूमि स्टेशन पहुंची।
ट्रेन की जांच के दौरान ऑपरेटर को एक सीट पर चिपके दो पोस्टर दिखाई दिए। उन्होंने पोस्टर हटाकर अपने वरिष्ठ अधिकारियों और ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को सूचना दी। इसके बाद पोस्टर द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन के स्टेशन कंट्रोलर को सौंपे गए। स्टेशन कंट्रोलर की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई।
पोस्टरों पर क्या लिखा था
दोनों पोस्टर काले-सफेद रंग में A4 आकार के थे। उन पर सरकार के कामकाज और देश में हाल के वर्षों में हुए बदलावों से जुड़े सवाल और संदेश लिखे थे।
पोस्टरों पर अंग्रेजी में ‘You Can Change Your Own Life’, ‘Voting Protest’, ‘Spectrum of Engagement’, ‘Community Building Reform’ और ‘Dissatisfied? You Are Not Alone’ जैसे वाक्य लिखे थे।
पोस्टरों में देश में पिछले वर्षों के दौरान हुए बदलावों से जुड़े नौ दावे भी शामिल थे। हालांकि, इन दावों की सत्यता को लेकर पुलिस की ओर से कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
QR कोड से ऑनलाइन समूह में जुड़ने का संदेश
पोस्टरों पर QR कोड भी छपा था। इसके जरिए लोगों को एक ऑनलाइन समूह से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया गया था। पुलिस ने दोनों पोस्टर जब्त कर लिए हैं और मामले की जांच की जा रही है।
जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि पोस्टर किसने लगाए, ऑनलाइन समूह किस उद्देश्य से बनाया गया था और QR कोड किस डिजिटल प्लेटफॉर्म या समूह से जुड़ा था।
किन कानूनों के तहत दर्ज हुई FIR
मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 2007 की धारा 3 और मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002 की धारा 62 के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी है।
पहला कानून सार्वजनिक संपत्ति को विरूपित करने से संबंधित है, जबकि दूसरा मेट्रो रेलवे परिसर में निर्धारित नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है। मामले में कानूनी कार्रवाई का आधार और आरोपों का अंतिम स्वरूप जांच तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया से तय होगा।
पोस्टर लगाने वालों की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पोस्टर किसने और किस समय ट्रेन में लगाए। जांच में पोस्टरों की सामग्री, QR कोड और उन्हें ट्रेन में चिपकाने की परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल किसी व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की पृष्ठभूमि तथा जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।