सतना। डिजिटल डेस्क
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाणसागर डैम पार कर मैहर वन मंडल की अमरपाटन रेंज में पहुंचने वाला कॉलर आईडी युक्त नर जंगली हाथी ई-5 (सी-4) करीब एक महीने बाद फिर लौट आया है। गुरुवार तड़के करीब 4 बजे हाथी ने रामनगर जनपद क्षेत्र की सेमरिया ग्राम पंचायत में प्रवेश किया। उसकी मौजूदगी के बाद आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
फिलहाल हाथी से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है और ग्रामीणों को जंगल तथा हाथी की आवाजाही वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
सेमरिया पंचायत के आसपास हाथी की मौजूदगी
अमरपाटन रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी के मुताबिक, ई-5 (सी-4) हाथी सेमरिया पंचायत के आसपास मौजूद है। उसके आसपास के गांवों और वन क्षेत्र से गुजरने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
हाथी की पिछली आवाजाही के दौरान हुई घटना को देखते हुए इस बार विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वन विभाग उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है, ताकि ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा सके।
जंगल में अकेले न जाएं, हाथी दिखे तो वन विभाग को दें सूचना
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में अकेले न जाएं और हाथी दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसका पीछा करने की कोशिश न करें। हाथी की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
हाथी को देखने के लिए भीड़ लगाने से बचें। महुआ और अनाज रखने वाले स्थानों के पास रात में सोने से परहेज करें। खेतों में भी खुले स्थान पर रात न बिताएं। हाथी की गतिविधियों वाले क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतें और वन विभाग की सलाह का पालन करें।
29 सितंबर को आठ किलोमीटर तैरकर लौटा था हाथी
इससे पहले ई-5 (सी-4) हाथी 7-8 सितंबर की रात बाणसागर डैम पार कर रामनगर क्षेत्र की पुरैना पंचायत पहुंचा था। करीब 22 दिनों तक उसकी आवाजाही अमरपाटन रेंज के रामनगर क्षेत्र में बनी रही।
29 सितंबर की शाम हाथी बाणसागर डैम में करीब आठ किलोमीटर तैरकर शहडोल के जंगलों की ओर लौट गया था। उस दौरान हाथी के हमले में पुरैना पंचायत के किसान कनछेदी यादव की मौत हो गई थी।
अब करीब एक महीने बाद हाथी की दोबारा वापसी से आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ गई है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है।