नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस्तीफा स्वीकार किए जाने के साथ ही केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल और नई नियुक्तियों को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और दक्षिण भारत, विशेषकर केरल में पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं।
राष्ट्रपति भवन से मिली मंजूरी
सूत्रों के अनुसार, जॉर्ज कुरियन द्वारा सौंपे गए इस्तीफे को राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। इसके बाद अब केंद्र सरकार में उनके स्थान पर नई नियुक्ति या मंत्रालयों के पुनर्वितरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि इस्तीफे के पीछे की आधिकारिक वजह को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
कौन हैं जॉर्ज कुरियन?
जॉर्ज कुरियन लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं। जून 2024 में उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली थी और बाद में उन्हें अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वे राज्यसभा के सदस्य भी रहे हैं और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
राजनीतिक मायने भी तलाशे जा रहे
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह इस्तीफा केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं हो सकता, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक बदलावों से भी जुड़ा हो सकता है। हाल के दिनों में भाजपा विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक बदलावों और संसदीय समीकरणों पर भी काम कर रही है।
आगे क्या?
अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार जॉर्ज कुरियन की जगह किसे जिम्मेदारी सौंपती है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या यह बदलाव केवल एक मंत्रालय तक सीमित रहता है या फिर व्यापक स्तर पर मंत्रिमंडल में फेरबदल का रास्ता खोलता है।