भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए नीति आयोग ने वीजा व्यवस्था में बड़े बदलाव का सुझाव दिया है। आयोग की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को चरणबद्ध तरीके से Tourist Visa-on-Arrival (VoA) व्यवस्था अपनानी चाहिए। इसके तहत चुनिंदा देशों के पर्यटकों को भारत पहुंचने पर ही वीजा मिल सकेगा, जिससे पर्यटन उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
भारतीयों को 56 देशों में आसान यात्रा की सुविधा
वर्तमान में भारतीय पासपोर्ट धारकों को 56 देशों और क्षेत्रों में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल या ई-वीजा जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हाल के वर्षों में भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। हालांकि, भारत में विदेशी पर्यटकों के लिए ऐसी सुविधाएं अभी सीमित हैं।
भारत कितने देशों को देता है Visa-on-Arrival या Visa-Free
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अभी केवल बहुत सीमित देशों को वीजा-फ्री या Visa-on-Arrival जैसी सुविधा देता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत अपने एशियाई प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में काफी कम खुला है। जहां कई देश 20 से लेकर 100 से अधिक देशों के नागरिकों को ऐसी सुविधा देते हैं, वहीं भारत का दायरा काफी छोटा है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में:
- नेपाल, भूटान और मालदीव जैसे पड़ोसी देशों को विशेष प्रवेश सुविधाएं प्राप्त हैं।
- जापान और दक्षिण कोरिया के नागरिकों को सीमित Visa-on-Arrival सुविधा उपलब्ध है।
- अधिकांश अन्य देशों के नागरिकों को पहले से ई-वीजा या नियमित वीजा लेना पड़ता है।
नीति आयोग ने क्या सुझाव दिए
रिपोर्ट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े सुधार सुझाए गए हैं:
- चुनिंदा देशों के लिए 90 दिन का Multiple Entry Tourist Visa-on-Arrival।
- ई-वीजा प्रक्रिया को और सरल बनाना।
- अलग-अलग वीजा श्रेणियों को कम कर प्रक्रिया आसान करना।
- एयरपोर्ट और सीपोर्ट पर तेज इमिग्रेशन व्यवस्था।
- डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सत्यापन प्रणाली को मजबूत करना।
भारत को इससे क्या फायदा होगा
नीति आयोग का मानना है कि आसान वीजा व्यवस्था से:
- विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
- होटल, ट्रैवल, एयरलाइन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को लाभ मिलेगा।
- रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि होगी।
- भारत वैश्विक पर्यटन प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति हासिल कर सकेगा।
क्या यह नियम अभी लागू हो गया है
नहीं। यह अभी केवल नीति आयोग की सिफारिश है। इस पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा लिया जाएगा। फिलहाल Visa-on-Arrival की नई व्यवस्था लागू नहीं हुई है।
भारत में पर्यटन सुधार पर भी जोर
रिपोर्ट केवल वीजा तक सीमित नहीं है। इसमें होटल लाइसेंसिंग, टूर ऑपरेटर, रेस्तरां, परिवहन और अन्य पर्यटन सेवाओं में नियामकीय सुधार की भी सिफारिश की गई है ताकि भारत विदेशी पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक गंतव्य बन सके।