देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को उत्तर, मध्य, पूर्व और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर तेज हवाएं, वज्रपात और जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है। विशेष रूप से मध्य भारत, पश्चिमी तटीय क्षेत्र और पहाड़ी राज्यों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
मध्य भारत में सबसे ज्यादा असर
मध्य प्रदेश में कई जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदियों और छोटे जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा है।
उत्तर भारत में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पश्चिमी तट और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट
मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ सहित महाराष्ट्र के कई जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। लगातार वर्षा के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। गुजरात, कोंकण और गोवा में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भी सक्रिय मानसून
ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर के अधिकांश राज्यों में भी लगातार वर्षा जारी रहने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
IMD की लोगों को सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में नहीं रुकने की सलाह दी है। किसानों को भी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।