बालाघाट। डिजिटल डेस्क
कान्हा के जंगलों की कहानी अब भाषा की दीवार नहीं रोकेगी। मुक्की क्षेत्र के नेचर गाइड्स जल्द ही विदेशी पर्यटकों से अंग्रेजी में संवाद करते नजर आएंगे। इसके लिए 59 नेचर गाइड्स को अंग्रेजी बोलने और पर्यटकों से संवाद करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
15 दिवसीय इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स में प्रशिक्षण
इको टूरिज्म बोर्ड और कान्हा टाइगर रिजर्व के सहयोग से यह प्रशिक्षण 31 अगस्त से शुरू किया गया है। इसमें मुक्की क्षेत्र के 59 नेचर गाइड्स हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान गाइड्स को अंग्रेजी भाषा में बातचीत करने के साथ पर्यटकों के सवाल समझने और सहज तरीके से जवाब देने का अभ्यास कराया जा रहा है।
बाघ से जैव-विविधता तक समझाने की तैयारी
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल अंग्रेजी बोलना सिखाना नहीं है। गाइड्स को कान्हा के वन्यजीवों और प्राकृतिक विविधता से जुड़ी जानकारी को विदेशी पर्यटकों के सामने सरल और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने की तकनीक भी सिखाई जा रही है।
कान्हा आने वाले पर्यटक जंगल सफारी के दौरान बाघ, अन्य वन्यजीवों, वनस्पतियों और जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र को करीब से देखते हैं। ऐसे में गाइड्स के लिए इनसे जुड़ी जानकारी को प्रभावी ढंग से समझाना पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बना सकता है।
विदेशी पर्यटकों से संवाद में बढ़ेगा आत्मविश्वास
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद नेचर गाइड्स को विदेशी पर्यटकों से संवाद करने में अधिक आत्मविश्वास मिलने की उम्मीद है। इससे पर्यटक कान्हा के जंगल को केवल सफारी के दौरान देखने के बजाय यहां के वन्यजीवों और जैव-विविधता से जुड़ी जानकारी को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।