कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र में 30 लाख का गेहूं गायब, तीन पर FIR

सिवनी। डिजिटल डेस्क

सिवनी जिले के कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र में 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य का गेहूं कम पाए जाने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई किसानों की शिकायत के बाद कलेक्टर नेहा मीना द्वारा गठित जिला स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर की गई।

प्रबंधक, खरीदी केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर पर FIR

मामले में सेवा सहकारी समिति कुड़ारी के प्रबंधक सरदारी लाल यादव, खरीदी केंद्र प्रभारी वीरेन्द्र बघेल और कंप्यूटर ऑपरेटर श्रेयास बघेल के खिलाफ शुक्रवार को पुलिस थाना धनौरा में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

जिला प्रशासन के अनुसार, किसानों की शिकायतों के बाद कलेक्टर नेहा मीना ने मामले की जांच के लिए जिला स्तरीय जांच दल गठित किया था। सिवनी जिला प्रशासन की वेबसाइट पर नेहा मीना को वर्तमान कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के रूप में दर्ज किया गया है।

किसानों ने तुलाई के नाम पर अतिरिक्त राशि लेने की शिकायत की

मामला धनौरा में 4 अगस्त को आयोजित विशेष जनसुनवाई के दौरान किसानों द्वारा की गई शिकायत के बाद सामने आया। किसानों ने आरोप लगाया था कि गेहूं खरीदी के दौरान तुलाई और खरीदी दर्ज करने के नाम पर प्रति क्विंटल 20 से 25 रुपये अतिरिक्त राशि ली गई।

किसानों ने यह भी शिकायत की थी कि खरीदी गई गेहूं की मात्रा के अनुपात में गोदामों में गेहूं जमा नहीं कराया गया। इसके कारण कुछ किसानों का भुगतान खरीदी समाप्त होने के करीब एक माह बाद भी लंबित था।

किसानों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और लंबित भुगतान कराने की मांग की थी।

480 किसानों से खरीदा गया था 56,501.50 क्विंटल गेहूं

जिला स्तरीय जांच में सामने आया कि कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र ने 480 किसानों से समर्थन मूल्य पर कुल 56,501.50 क्विंटल गेहूं खरीदा था।

हैंडलिंग, परिवहन, गोदाम में भंडारण तथा भंडारण के दौरान गेहूं की मात्रा रिजेक्ट होने पर अपग्रेडेशन और सेग्रिगेशन की प्रक्रिया के बाद 55,345.24 क्विंटल गेहूं ही गोदाम में जमा कराया गया।

इस तरह खरीदी गई कुल मात्रा की तुलना में 1,156.26 क्विंटल गेहूं गोदाम में जमा नहीं कराया जाना पाया गया।

30.35 लाख रुपये से अधिक का गेहूं नहीं मिला

जांच में कम मिली 1,156.26 क्विंटल गेहूं की मात्रा का समर्थन मूल्य के आधार पर मूल्य 30 लाख 35 हजार 182 रुपये 50 पैसे पाया गया।

जांच में गेहूं की यह मात्रा गोदाम में जमा नहीं होने के कारण खरीदी केंद्र से जुड़े 19 किसानों का भुगतान लंबित पाया गया था।

कलेक्टर के निर्देश पर किसानों के हित को प्राथमिकता देते हुए लंबित भुगतान की समस्या का तत्काल निराकरण कराया गया। किसानों को जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के लिए शासन से अतिरिक्त राशि की मांग की गई और संबंधित किसानों का भुगतान कराया गया।

जांच के बाद तीन लोगों पर कार्रवाई

जांच दल द्वारा गेहूं की खरीदी, परिवहन और गोदाम में जमा मात्रा से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद गेहूं की मात्रा में बड़ा अंतर सामने आया। इसके आधार पर संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया गया है।

मामले में एफआईआर के बाद अब पुलिस स्तर पर आगे की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।

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