सतना। डिजिटल डेस्क
मैहर जिले के कुम्हारी निवासी दो युवक रिश्तेदार की गमी में शामिल होने जाते समय करारी नदी के तेज बहाव में बाइक समेत बह गए। घटना के करीब 26 घंटे बाद भी दोनों युवकों का कोई सुराग नहीं मिला है। एसडीईआरएफ की टीम ने गुरुवार शाम अंधेरा होने पर सर्चिंग रोक दी, जिसे शुक्रवार सुबह दोबारा शुरू किया जाना है।
गमी में शामिल होने निकले थे दोनों युवक
उचेहरा पुलिस के मुताबिक कुम्हारी, जिला मैहर निवासी पुष्पेंद्र लोधी (25) और राजकुमार लोधी (34) बुधवार को बाइक से पिपरी कलां जाने के लिए निकले थे। दोनों को वहां एक रिश्तेदार की पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल होना था।
शाम करीब चार बजे दोनों मतरी-पतौरा और भरहुत गांव के बीच करारी नदी पर बने रपटा के पास पहुंचे। उस समय नदी का बहाव काफी तेज था। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को रपटा पार नहीं करने की सलाह भी दी थी।
सलाह के बावजूद रपटा पार करने की कोशिश
बताया गया है कि आसपास के लोगों की चेतावनी के बावजूद दोनों युवक बाइक लेकर आगे बढ़ गए। रपटा के कुछ हिस्से तक पहुंचने के बाद वे तेज बहाव की चपेट में आ गए।
देखते ही देखते बाइक समेत दोनों युवक नदी में गिर गए और तेज धारा में बह गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी परिजनों तक पहुंचाई।
रात तक घर नहीं लौटे तो शुरू हुई तलाश
जब रात तक दोनों युवक घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने पिपरी कलां में मौजूद रिश्तेदारों से संपर्क किया। वहां पता चला कि पुष्पेंद्र और राजकुमार अंतिम संस्कार में पहुंचे ही नहीं थे।
इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। नदी में बहने की आशंका होने पर गुरुवार सुबह पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और एसडीईआरएफ ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलने के बाद उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा पुलिस टीम और एसडीईआरएफ के साथ मतरी-पतौरा पहुंचे। नदी में दोनों युवकों की तलाश शुरू की गई।
एसडीएम सुभाष मिश्रा भी राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद नदी और आसपास के हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कई घंटे की तलाश के बावजूद गुरुवार शाम तक न तो दोनों युवकों का पता चल सका और न ही उनकी बाइक बरामद हुई।
तेज बहाव के कारण मुश्किल हो रही तलाश
करारी नदी में पहाड़ी इलाके से लगातार पानी आने के कारण जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बताया जा रहा है। गुरुवार को बारिश नहीं होने के बावजूद नदी का बहाव तेज बना रहा, जिससे एसडीईआरएफ की टीम को सर्चिंग में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अंधेरा होने के बाद सुरक्षा कारणों से सर्चिंग रोक दी गई। टीम शुक्रवार सुबह नदी में दोबारा तलाश अभियान शुरू करेगी। यदि रात में बारिश नहीं होती है और जलस्तर कम होता है तो लापता युवकों की तलाश अपेक्षाकृत आसान होने की उम्मीद है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पुष्पेंद्र और राजकुमार के नदी में बहने की खबर के बाद से दोनों के परिजन लगातार उनके मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। 26 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने से परिवारों में चिंता बढ़ गई है। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम नदी के बहाव और आसपास के संभावित स्थानों पर लगातार नजर बनाए हुए है।