400 फीट खाई में मौत, FSL करेगी खुलासा

लोहागढ़ किला बना मर्डर मिस्ट्री का केंद्र

पुणे। महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल मौत मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। पुणे के लोहागढ़ किले पर हुई संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम घटनास्थल पर पहुंची है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि 400 फीट गहरी खाई में गिरने से हुई मौत महज हादसा थी या फिर पहले से रची गई साजिश का हिस्सा।

पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में ट्रेकिंग हादसा बताया गया था, लेकिन बाद में मामले ने हत्या की शक्ल ले ली। आरोप है कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। दोनों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

FSL टीम क्या खोज रही है?

फॉरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति, चट्टानों की बनावट, गिरने के संभावित एंगल और घटनाक्रम की वैज्ञानिक पड़ताल कर रहे हैं। टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि जिस स्थान से केतन गिरे, वहां से किसी व्यक्ति का संतुलन बिगड़कर गिरना संभव था या किसी ने धक्का दिया था।

जांच अधिकारियों का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट केस की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकती है। इससे पुलिस की उस थ्योरी को मजबूती मिल सकती है, जिसमें हत्या की साजिश का दावा किया गया है।

CCTV और हूडी वाले शख्स से खुला राज

जांच के दौरान पुलिस को किले के पास लगे CCTV कैमरों में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया था, जिसने गर्मी के मौसम में हूडी पहन रखी थी। पुलिस का दावा है कि यही व्यक्ति चेतन चौधरी था, जो सिया और केतन के पीछे-पीछे किले तक पहुंचा था। इसी सुराग ने पूरे मामले को हादसे से हत्या की दिशा में मोड़ दिया।

पहले भी हो चुके थे कथित प्रयास

जांच में यह भी सामने आया है कि केतन को नुकसान पहुंचाने के कथित प्रयास पहले भी किए गए थे। पुलिस अब उन घटनाओं की भी पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या लोहागढ़ किला पहले से ही इस साजिश का केंद्र था।

परिवार को शुरू से था शक

केतन के परिवार का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही यह मामला सामान्य हादसा नहीं लगा। परिवार की शिकायत और पुलिस की तकनीकी जांच के बाद मामले में कई नए तथ्य सामने आए, जिसके बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया।

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