सतना। डिजिटल डेस्क
बांधवगढ़ नेशनल पार्क की ओर से आया एक हाथी मैहर वनमंडल के अमरपाटन वन परिक्षेत्र में आबादी क्षेत्र तक पहुंच गया। हाथी के गांवों के आसपास विचरण करने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से निगरानी बढ़ाते हुए प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
कई गांवों के आसपास पहुंचा हाथी
वन विभाग के अनुसार हाथी गोरसरी घाटी के पास गोरसरी पहाड़ से नीचे उतरकर ग्राम किरहाई, ओबरा, छिरहाई, चोरखरी, भीषमपुर, पठरा और छांईन के आसपास पहुंचा। इस दौरान हाथी ने कुछ कच्चे मकानों और फसलों को क्षतिग्रस्त किया।
मैहर डीएफओ विद्याभूषण मिश्रा ने बताया कि हाथी की आबादी क्षेत्र में मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला सक्रिय हुआ। पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से हाथी की गहन निगरानी शुरू की गई।
कच्चे मकानों में रह रहे ग्रामीणों को निकाला
वन अमले ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर कच्चे मकानों में रह रहे ग्रामीणों को बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। विभाग की ओर से हाथी की लाइव ट्रैकिंग की गई, जिससे उसकी गतिविधियों की जानकारी लगातार मिलती रही और समय रहते ग्रामीणों को सुरक्षित करने में मदद मिली।
रेडियो कॉलर से लगातार मॉनिटरिंग
डीएफओ के मुताबिक हाथी की गतिविधियों पर रेडियो कॉलर के माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग के निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत हाथी के व्यवहार और मूवमेंट का वैज्ञानिक तरीके से पर्यवेक्षण किया जा रहा है।
ओबरा, छिरहाई, चोरखरी, भीषमपुर, पठरा और छांईन समेत आसपास के गांवों में हाथी के विचरण की संभावना को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है।
हाथी से 200 मीटर की दूरी रखने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथी के पास नहीं जाने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि हाथी की फोटो या सेल्फी लेने की कोशिश न करें और टॉर्च या तेज रोशनी डालकर उसे उकसाने से बचें। हाथी से कम से कम 200 मीटर की सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
जंगल किनारे बने कच्चे मकानों में हाथी की मौजूदगी के दौरान ग्रामीणों को वहां नहीं रहने और जरूरत पड़ने पर पंचायत भवन या सामुदायिक भवन जैसे पक्के स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।
फसल नुकसान पर क्षतिपूर्ति का प्रावधान
वन विभाग के अनुसार हाथी के कारण हुए फसल नुकसान पर नियमानुसार राजस्व विभाग से क्षतिपूर्ति मिलने का प्रावधान है। विभाग ने ग्रामीणों से हाथी की गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग या प्रशासन को देने की अपील की है।